पैसे दे कर नौकरी लेने वाले मुन्नाभाई शिक्षकों के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से मिली रिपोर्ट के आधार पर पिछले साल हुई शिक्षक भर्ती के घोटाले में सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का पर्चा दर्ज किया गया है। चंडीगढ़ एजूकेशन विभाग पिछले साल 1015 में करीब 1200 एनटीटी, जेबीटी और टीजीटी की भर्ती हुई थी।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की जांच में ये बातें सामने आई थीं कि इनमें भर्ती हुए शिक्षकों ने 10 लाख रुपये देकर पेपर लीक करवा दिया था। परीक्षा से तीन दिन पहले ही उनके पास प्रश्न पत्र पहुंच गया था। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अपनी जांच रिपोर्ट में अभी तक 21 अध्यापकों के नाम लिए हैं, जो धांधली से पास होकर भर्ती हुए हैं । थाना पुलिस अब इन सभी अध्यापकों की भूमिका को अपने आधार पर जांचेगी। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी इस पूरे धांधली के खेल में अध्यापकों के अलावा और कितने लोग शामिल हैं।
पंजाब यूनिवर्सिटी के कर्मचारी भी शक के घेरे में
पंजाब यूनिवर्सिटी में ही इस भर्ती के लिए परीक्षा ली गई थी। पीयू में ही परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र रखा गया था। तो पुलिस को शक है कि पेपर लीक होने में पीयू के कर्मचारियों का भी हाथ हो सकता है। पुलिस का कहना है कि पीयू की सेक्रेसी ब्रांच में प्रीटिंग प्रेस से पेपर ला कर रखा गया था। लेकिन पंजाब विजिलेंस की जांच में सामने आया था कि इसी दौरान पेपर लीक हुआ और कैंडिडेट्स के हाथों में पहुंचा। जांच में सामने आया कि पैसे लेने के बाद सभी का परीक्षार्थियों को लखनऊ ले जाया गया था। परीक्षा से 2 दिन पहले ही परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र देकर तैयारी करवाई गई थी। इस मामले में आगामी कार्रवाई के लिए हाल ही में पंजाब विजिलेंस विभाग ने तैयार रिपोर्ट आईजी पुलिस को सौंप दी थी।
पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप
इस मामले में पंजाब विजिलेंस द्वारा की जाने वाली जांच के बारे में पता लगने के बाद से ही पैसे देकर भर्ती हुए टीचर्स में खलबली मची हुई है। यहां तक कि कुछ टीचर्स तो स्कूलों से बिना बताए कहीं चले गए हैं। अब पुलिस सबसे पहले इस तरह स्कूलों से अचानक गायब होने वाले शिक्षको की तलाश कर मे जुट गई है।
दस्तावेजों की दोबारा होगी जांच
भर्ती हुए अध्यापकों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की पुलिस दोबारा से जांच करेगी। जांच में ऐसा सामने आया है कि भर्ती हुए टीचरों ने भर्जी दस्तावेज भी जमा करवाए थे। पुलिस अब फिर से सभी रिकार्ड कब्जे में लेकर उनकी नये सिरे से जांच करेगी। जिससे हो सकता है कि धांधली कर भर्ती हुए शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
डीएसपी सेंट्रल डिवीजन रामगोपाल का कहना है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने जो रिपोर्ट आईजी यूटी को सौंपी थी उसी के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की करप्शन के धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में छानबीन की जा रही है। जल्द ही दोषी अध्यापकों की गिरफ्तारियां भी होंगी।