पंजाब के तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के फर्जी हस्ताक्षर कर 11 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति की सूची जारी करने के मामले में एसआईटी ने मंगलवार को डीजीपी दफ्तर में तैनात सुपरिंटेंडेंट संदीप कुमार और हवलदार मनी कटोच को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं दोनों ने आदेश की कॉपी टाइप की थी। फर्जी पदोन्नति सूची में मनी कटोच का भी नाम था।
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों का सेक्टर-16 के अस्पताल में मेडिकल करवाया। पुलिस दोनों आरोपियों को बुधवार को जिला अदालत में पेश करेगी और पूछताछ के लिए रिमांड मांगेगी। सूत्रों के अनुसार, मामले में कई और पुलिसकर्मियों के भूमिका संदेह के घेरे में है। उनको जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। एसआईटी ने पदोन्नति सूची में शामिल अन्य सभी पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि इस सूची के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ये है मामला
आठ जनवरी को पंजाब पुलिस की ओर से 11 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति की एक सूची जारी की गई थी। इसमें उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, वरिष्ठ कांस्टेबल और कांस्टेबल रैंक के कर्मचारियों के नाम थे। तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को जैसे ही सूची जारी होने की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल उसकी प्रति मंगवाई।
अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देते हुए बताया कि उन्होंने ऐसी किसी भी सूची पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और न किसी को पदोन्नत किया है। मामले में पिछले मंगलवार को डीजीपी कार्यालय में तैनात डीएसपी की शिकायत पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया।
इन 11 पुलिसकर्मियों का नाम था सूची में
सूची में लोकल रैंक पर तैनात एसआई नरेंद्र सिंह और हरविंदर सिंह को पक्के तौर पर एसआई, हवलदार मनी कटोच को एएसआई, एएसआई जगनंदन सिंह को एसआई, वरिष्ठ कांस्टेबल बरिंदर सिंह को एएसआई, एएसआई जसविंदर सिंह को एसआई, हवलदार मनदीप सिंह को एएसआई, हवलदार अमृतपाल सिंह को एएसआई, हवलदार राजकुमार को एएसआई, एएसआई कुलदीप सिंह को एसआई और एएसआई बलजिंदर सिंह को एसआई बनाया गया था।