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ट्रेन के आगे कट मरी नेशनल हॉकी प्लेयर

Sun, 10 Aug 2014 05:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर(पंजाब)
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पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम में आर्थिक तंगी ने राष्ट्रीय स्तर की एक होनहार महिला हाकी खिलाड़ी को लील लिया है। सुनाम के बख्तौर नगर की रहने वाली हाकी खिलाड़ी राजविंदर कौर (20) ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली है।
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परिवार का दावा है कि आर्थिक तंगी के चलते वे अपनी बेटी को एडमिशन नहीं दिला पा रहे थे। इसी से परेशान होकर उनकी होनहार बेटी ने अपनी जान दे दी।

मृतका खिलाड़ी राजविंदर कौर के पिता सुरिंदर सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि तीन बेटियों में उनकी सबसे छोटी बेटी बचपन से ही हाकी खेलती थी।

वह अपनी मेहनत की बदौलत उसने चार बार राज्यस्तरीय हाकी प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया और एक बार जूनियर राष्ट्रीय हाकी प्रतियोगिता में भाग लिया।

ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान

मृतक के पिता ने बताया कि पिछले वर्ष उसे बठिंडा में बीए पार्ट वन में दाखिला दिलवाया, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते इस बार वे अपनी बेटी को बीए पार्ट टू में दाखिला नहीं दिला पाए। इसी के चलते उनकी बेटी पिछले कई दिन से बेहद परेशान थी।

उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को सुबह 11 बजे उनकी बेटी घर से यह कहकर गई कि वह अपनी सहेली के घर जा रही है। दोपहर तक नहीं लौटने के बाद उन्होंने उसकी तलाश की।

6 अगस्त को पता चला कि किसी लड़की ने ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली जिसकी शिनाख्त उनकी बेटी के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की तरफ से कोई मदद मिलती तो उनकी होनहार बेटी की जान बच सकती थी।
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बेटी का मेडल दिखा भावुक हो गए पिता

अपनी बेटी के मेडलों को दिखाते हुए उसके पिता कई बार भावुक हो उठे। राजविंदर कौर के घर में गमगीन माहौल था। उनकी मां समेत अन्य रिश्तेदारों का रो रोकर बुरा हाल था। रेलवे पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई करके व पोस्टमार्टम करवाकर लाश परिजनों को सौंप दी है।

होनहार खिलाड़ी के मरने के बाद कई खेल संगठनों ने खिलाड़ियों के प्रति सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं। शहीद ऊधम सिंह हाकी क्लब, शहीद ऊधम सिंह एथलेटिक्स क्लब समेत कई संगठनों ने कहा कि सरकार की ओर से उभर रही प्रतिभाओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

बल्कि उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। यदि खिलाड़ियों को सरकार उचित मदद देती तो आज राजविंदर कौर सभी के बीच होती।
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