पंजाब के अमृतसर में एएसआई रविंदरवाल सिंह के हत्यारे को अदालत ने मौत तक उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी रणजीत सिंह उर्फ राणा, बिक्रम ओहरी, धर्मजीत सिंह, गुरबीर सिंह और संदीप रामपाल को जज हरप्रीत कौर रंधावा ने सजा सुनाई।
इसके अलावा राणा को तीन विभिन्न सेक्शन के तहत 70 हजार रुपये और बाकी के सभी दोषियों को कुल 60-60 हजार रुपये जुर्माना किया गया है।
इन दोषियों को सजा के दौरान न तो छुट्टी मिलेगी और न ही अन्य किसी प्रकार का रिलीफ दिया जाएगा। जब तक इनकी जिंदगी है, जेल में ही रहना पड़ेगा।
पीड़ित परिवार ने कहा- दोषियों को हो फांसी
रविंदरपाल की बेटी रोबिनजीत और पत्नी परमजीत कौर ने इस फैसले से असंतुष्टि जताते हुए दोषियों को फांसी की सजा दिलवाने के लिए हाईकोर्ट जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हमारा परिवार उजाड़ दिया, फांसी होनी चाहिए थी।
एएसआई की बेटी रोबिनजीत कौर और पत्नी परमजीत कौर ने कहा कि राणा ने उनके हंसते-खेलते हुए परिवार को उजाड़ दिया। वह राणा के लिए फांसी की सजा की उम्मीद लगाए हुए थे। लेकिन फैसला उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं आया। वह राणा की फांसी के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।
आंखों के सामने मारी थी पिता को गोली
जानकारी के अनुसार एएसआई के कत्ल मामले में सरकारी वकील आरके सलवान की ओर से कुल 27 गवाह पेश किए गए थे। इनमें मुख्य गवाही एएसआई की बेटी रोबिनजीत कौर की रही है।
जिसकी आंखों के सामने उसके पिता को गोली मारी गई थी। इसके अलावा पुलिस कर्मियों और संबंधित इलाके के लोगों की ओर से गवाही दी गई। जिसके आधार पर सभी को दोषी पाया गया।
बेटी से छेड़छाड़ से रोका तो मारी थी गोली
घटना दिसंबर 2012 में घटी थी। राणा रोबिनजीत कौर का पीछा करता था और उससे छेड़छाड़ करता था। रोबिनजीत ने इसकी जानकारी अपने एएसआई पिता को दी तो रविंदरपाल ने एक दिन आरोपियों को रोक कर पूछा कि वह रोबिनजीत को परेशान क्यों करते हैं।
इस पर तैश में आकर राणा ने अपने घर से हथियार लाकर रविंदरपाल की भरे बाजार में गोलियां मार कर हत्या कर दी थी और मौके से फरार हो गया था।
मामला उछला तो सरकार ने रोबिनजीत को सब इंस्पेक्टर भर्ती करने के आर्डर दिए लेकिन बाद में नायब तहसीलदार के नियुक्ति पत्र सौंपे गए थे।