हरियाणा के कैथल जिले के गांव सजूमा में रविवार शाम जीत की खुशी में धार्मिक स्थल पर संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना करने जा रहे जिला परिषद के नव निर्वाचित सदस्य विक्रमजीत व ब्लॉक समिति सदस्य रामकरण के काफिले में शामिल लोगों व गांव के एक अन्य पक्ष के बीच टकराव हो गया और पथराव के साथ-साथ लाठियां चलीं। इसमें दोनों पक्षों के कई लोग जख्मी हैं। इस दौरान बीच बचाव के लिए तैनात पुलिस के वाहनों पर पथराव हुआ और पुलिस कर्मी भी घायल बताए जा रहे हैं।
रात के अंधेरे में हर तरफ विवाद के बीच अनियंत्रित तनाव को देखते हुए ग्रामीण महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घरों में दुबके गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस कप्तान मकसूद अहमद के निर्देश पर पहले डीएसपी रवींद्र सांगवान के नेतृत्व में दो रिजर्व बल मौके पर पहुंचे। रात करीब आठ बजे एसपी मकसूद अहमद भी गांव में पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक स्थित तनावपूर्ण बनी थी। फिलहाल जो ग्रामीण जख्मी हुए हैं, वे पुलिस के सामने नहीं आ रहे हैं।
कैथल डीएसपी रविंद्र सांगवान ने बताया कि कानून व्यवस्था और शांति के लिए गांव सजूमा में दो रिजर्व, सात एसएचओ और कलायत थाना पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को मुस्तैद किया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों ने लाइट बंद कर दी हैं। इसके चलते सरकारी वाहनों की लाइटों की रोशनी में अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन व्यवस्था बनाने में लगा है।
अब सजूमा में भारी तनाव
कलायत खंड के हरियाणा पंचायती राज चुनाव में अति संवेदनशील गांव जुलानी खेड़ा में भी सरपंच चुनाव को लेकर 20-21 नवंबर की रात्रि को नव निर्वाचित सरपंच नरेंद्र सिंह द्वारा आयोजित विजय जश्न के दौरान बड़ा बवाल हो गया था। इस दौरान सरपंच और हारे हुए उम्मीदवार के बीच न केवल पथराव हुआ बल्कि लाठी-डंडियां भी चली। यहां तक विवाद को शांत करवाने पहुंचे कलायत उप मंडल मुख्यालय डीएसपी सज्जन कुमार और थाना प्रभारी बलदेव सिंह मलिक सहित पुलिस बल पर जानलेवा हमला हुआ। इस घटना में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए थे। दोनों पक्षों की शिकायतों पर भी पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की थी।