स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने गुरुवार की दोपहर सब जेल गोइंदवाल के उप अधीक्षक बलबीर सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अपने पद का दुरुपयोग कर सब-जेल में बंद खतरनाक कैदियों और विचाराधीन कैदियों की बैरकों की तलाशी नहीं लेने देते थे। एसटीएफ ने आरोपी डीएसपी का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक डीएसपी बलबीर सिंह सब-जेल गोइंदवाल में उप अधीक्षक के पद पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान जब भी जेल कर्मचारियों ने मोबाइल बरामदगी व अन्य बरामदगी के लिए सर्च अभियान चलाया तो यह उप अधीक्षक ने उन्हें जेल में बंद खतरनाक कैदियों और हवालातियों की तलाशी नहीं लेने दी।
एसटीएफ के अधिकारियों ने करीब 15 दिन पहले सब-जेल गोइंदवाल से मोबाइल फोन पकड़े थे। इनका इस्तेमाल भारत-पाकिस्तान सीमा पर हथियारों और नशे की खेप को उठाने में किया जा रहा था। जांच एजेंसी ने संदेह व्यक्त किया है कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में फरार गैंगस्टर टीनू के भी इस मामले से तार जुड़े हैं, क्योंकि कुख्यात गैंगस्टर टीनू भी कुछ समय तक सब जेल गोइंदवाल में बंद रहा। इसके साथ ही मूसेवाला हत्याकांड में गिरफ्तार गोपी और और वरिंदर को भी इसी जेल में रखा गया था। एसटीएफ ने गुरुवार को दोपहर दबिश देकर सब-जेल गोइंदवाल के उप अधीक्षक को गिरफ्तार कर उनका मोबाइल फोन कब्जे में लेकर डाटा खंगालना शुरू कर दिया है।