नरवीर के मुताबिक घटना के वक्त वह रेस्टोरेंट के शौचालय में था, जहां पहले से उदयवीर मौजूद था। यहां उसने उस पर पंच जैसी किसी लोहे की चीज से हमला किया। इस पर नरवीर ने भी अपना बचाव किया। नरवीर के मुताबिक उदयवीर के परिजनों ने भी उसके साथ मारपीट की। वह अपनी जान बचाकर भागने लगा, मगर उदयवीर के साथ आए दो-तीन गनमैनों ने उसे सेक्टर-17/18 के लाइट प्वाइंट पर पकड़ लिया और गन प्वाइंट पर एसयूवी में डाल दिया। इसके बाद उसकी पिटाई कर थाने ले गए। नरवीर के मुताबिक वह उसे कहीं ओर ले जाने लगे थे मगर उसके दोस्तों को गाड़ियों में आते देख वह उसे थाने ले गए। थाने में उस पर शिकायत वापस लेने का भी दबाव डाला गया।
उधर, उदयवीर ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह शौचालय में था। इसी बीच नरवीर वहां आया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उसकी पगड़ी भी गिर गई। वह बाहर भागा मगर नरवीर ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसे घेर लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। नरवीर और उदयवीर दोनों को ही हल्की चोटें आई हैं। दोनों का देर रात सेक्टर-22 और सेक्टर-16 के सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया गया।
सीएम से पूछा- गनमैन नेताओं या उनके बच्चों के लिए
नरवीर गुरुवार सुबह सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय एसएसपी को शिकायत देने पहुंचा। यहां पब्लिक विंडो पर शिकायत दी। शिकायत में उसने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया है कि गनमैन नेताओं को दिए जाते हैं या उनके बच्चों को। यह भी पूछा है कि क्या गनमैन लोगों को डराने के लिए हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी कहा है कि नेता लोगों की मदद करने के बजाय डरा-धमका रहे हैं।
चल रहा पुराना विवाद
नरवीर के मुताबिक उदयवीर रंधावा के साथ उसका पुराना विवाद है। मई 2019 में भी एक लड़की को लेकर मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें उनका समझौता हो गया था। इसके बाद अक्तूबर 2020 में कालका-शिमला रोड पर भी मारपीट की घटना हुई थी। इसमें भी बाद में समझौता हो गया था।
इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रास एफआईआर दर्ज हुई है। नरवीर सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341 और 506 के तहत मामला दर्ज हुआ है। वहीं उदयवीर सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 और 341 के तहत मामला दर्ज किया गया है। - कंवरदीप कौर, एसएसपी।