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अपनी शादी का कार्ड बांटने जा रहे सैनिक की हादसे में मौत, बुझा इकलौता चिराग

Mon, 04 Dec 2017 05:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेरी(हरियाणा)
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road accident - फोटो : Demo Pics
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हरियाणा के बेरी के गांव गांगटान के एक सैनिक परिवार में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गई, जब अपनी ही शादी के कार्ड बांटने जा रहे सेना के जवान की शनिवार को आसौदा के पास बाइक की टक्कर से मौत हो गई। सैनिक योगेश अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था जिससे घर का चिराग बुझ गया। रविवार को पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम के बाद सैनिक का गांव गांगटान में पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक की 10 दिसंबर को शादी होनी थी। 
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बता दें कि गांव गांगटान निवासी सैनिक योगेश (23) यूपी के फतेहगढ़ में 6 राजपूताना रेजीमेंट में क्लर्क के पद पर तैनात था। अपनी शादी के लिए 19 नवंबर से 17 दिसंबर तक छुट्टी पर आया हुआ था। योगेश की तीन साल पहले ही नौकरी लगी थी। योगेश अपनी शादी के कार्ड बांटने ही शनिवार शाम को दिल्ली जा रहा था। दिल्ली-रोहतक रोड पर हुडा नहर आसौदा के पास उसकी बाइक को एक अन्य बाइक ने टक्कर मार दी जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गया। इस हादसे में दो लोग और घायल हुए। योगेश के गंभीर रुप से घायल होने के कारण उसे पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा एक चालक का अपनी बाइक से संतुलन बिगड़ने की वजह से हुआ। पुलिस ने मृतक के मामा जगबीर के बयान पर दूसरे बाइक सवार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। योगेश की मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली तो उनपर दुखों का पहाड़ टूट गया। योगेश के परिजन शनिवार को ही रोहतक पीजीआई पहुंचे। जहां उसके शव को पीजीआई में रखवाया गया था। रविवार को पीजीआई रोहतक में शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद उनके पैतृक गांव में पुलिस सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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एकलौती बहन को पढ़ा-लिखाकर बनाना चाहता था काबिल

death - फोटो : Demo Photo
बचपन से ही थी फौज में जाकर देश सेवा करने की इच्छा
डीघल चौकी इंचार्ज सुंदरपाल के नेतृत्व में पहुंची पुलिस की टुकड़ी ने सैनिक योगेश के शस्त्र उलटे कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अमर उजाला से बातचीत में योगेश के चाचा वीरेंद्र ने बताया कि योगेश की 10 दिसंबर को शादी होनी थी और योगेश के पिता रामनिवास सेना से नायक के पद से सेवारत हुए थे। योगेश की बचपन से फौज में जाकर देश सेवा करने की इच्छा थी। 

एकलौती बहन को पढ़ा-लिखाकर बनाना चाहता था काबिल
बता दें कि योगेश और उसकी छोटी बहन कीर्ति में काफी प्यार था। उसकी बहन कीर्ति एमए व जेबीटी, बीएड है। योगेश अपनी बहन को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाना चाहता था। इकलौते भाई की दुर्घटना में मौत होने से बहन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वहीं घर का चिराग बूझने से मां-बाप पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
 
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