राजकपूर ने बताया कि इसके बाद उसने डेढ़ लाख रुपये का चेक और साढ़े सात लाख रुपये नकद दे दिए। कुछ दिन बाद क्लर्क और हरियाणा पुलिस का टेस्ट हुआ तो निर्मल सिंह का फोन आया कि पूरी रकम देने के बाद ही काम होगा। इसके चलते राजकपूर ने उसे सात लाख रुपये के दो चेक और साढ़े 12 लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद भी उसके भांजे और जीजा की नौकरी नहीं लगी।
रुपये वापस मांगने पर दिए चेक
राजकपूर ने बताया कि काम न बनने पर उसने रुपये वापस मांगे तो निर्मल ने नौ लाख का और रविकांत ने उसे 21 लाख रुपये का चेक दे दिया। जब उसने ये चेक भुगतान के लिए लगाए तो बैंक ने रिपोर्ट तैयार करके वापस भेज दी।
आरोपी बोला: पांच लाख रुपये दे चुका वापस
आरोपी को पुलिस ने पांच दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने और रविकांत ने भर्ती के नाम पर 35 लाख रुपये लिए थे। इसमें पांच लाख रुपये राजकपूर को लौटा चुका हूं। इसके अलावा उन्होंने 9 और 21 लाख के जो चेक दिए थे, उन पर फर्जी हस्ताक्षर किए थे और बाद में उनकी गुमशुदगी लिखा दी थी।