लुधियाना स्टेशन पर हालात का जायजा लेते एडीजीपी एमएफ फारूखी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना स्टेशन पर शनिवार को हुई तोड़फोड़ के बाद जीआरपी ने छह आरोपियों को काबू किया है। इनकी पहचान हरमेश सिंह, कुलजिंदर सिंह, हरमनप्रीत सिंह, कुलजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और सुखप्रीत सिंह के रूप में हुई है। इनमें से तीन आरोपी लुधियाना, दो मोगा और एक रोपड़ जिले से संबंधित है। इन पर मामला दर्ज करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के बीच शनिवार देर शाम तक खींचतान चलती रही।
रेलवे संपत्ति का नुकसान होने के कारण जीआरपी चाहती थी कि यह मामला आरपीएफ दर्ज करे, जबकि आरपीएफ के अधिकारी इसे जीआरपी का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश में थे। इसके बाद दोनों सुरक्षा एजेंसियों ने डीए लीगल की सलाह लेने का निर्णय लिया। हालांकि डीए लीगल ने इसे आरपीएफ का मामला बताया लेकिन अंत में एडीजीपी रेलवे ने जीआरपी को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद जीआरपी ने छह नामजद आरोपियों समेत 70 से 80 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को रविवार दोपहर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
लुधियाना स्टेशन पर हालात का जायजा लेने पहुंचे एडीजीपी
रविवार को एडीजीपी रेलवे एमएफ फारूखी ने लुधियाना स्टेशन पर हालात का जायजा लिया और जीआरपी अधिकारियों के साथ बैठक कर घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने नुकसान का जायजा लिया और उपद्रवियों के स्टेशन परिसर में घुसने से लेकर बाहर भागने तक के सभी एंट्री व एग्जिट प्वाइंट का दौरा कर संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की हिदायत दी।
एडीजीपी ने स्थानीय अधिकारियों के साथ पूरे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया और अग्निपथ योजना के विरोध में सोमवार को बंद की कॉल के दौरान विशेष चौकसी बरतने और हालात के मद्देनजर पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करने का निर्देश दिया। एडीजीपी ने बताया कि इस मामले की हर एंगल से गहराई से जांच चल रही है। गिरफ्तार आरोपियों की कॉल डिटेल्स, ग्रुप मैसेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य कई तरह की जानकारियां खंगाली जा रही हैं। वहीं फरार आरोपियों की पहचान भी की जा रही है।