पंजाब के लुधियाना में ठगी का नया तरीका सामने आया है। यहां एक अधेड़ व्यक्ति को फोन कर नौजवान ने खुद को भांजा बताया और कहा कि उसका किसी से झगड़ा हो गया है। समझौते के लिए उसे कुछ पैसों की जरूरत है। वह उसे पैसे जल्द वापस भेज देगा। इसी तरह बातों में बरगला कर आरोपी ने ईशर नगर निवासी मनमोहन सिंह के खाते से करीब सवा छह लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब मनमोहन सिंह को ठगी का पता चला तो उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
थाना सदर की पुलिस ने इस मामले में मनमोहन सिंह की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। ईशर नगर निवासी मनमोहन सिंह ने पुलिस के पास शिकायत दी है कि 10 अक्तूबर की सुबह 10 बजे उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप नंबर से कॉल आई। बात करने वाले ने कहा सतश्री अकाल मामा जी। उसे लगा कि यह कॉल कनाडा के मोंट्रियल में रह रहे भांजे जगमीत सिंह उर्फ मोनू की है।
वह मोनू समझ कर उसके साथ बात करने लगा। दूसरी तरफ से बात करने वाले ने कहा कि वह लोग एक पार्टी के लिए ब्रमटन गए थे। जहां उनका वेटर के साथ झगड़ा हो गया। गुस्से में उसने वेटर के सिर पर बोतल मार दी। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसका फोन भी पुलिस ने ले लिया है। इसके बाद उसने यह बोलकर फोन दूसरे आदमी को पकड़ा दिया कि वो उसका वकील है।
वकील ने कहा कि समझौता के लिए चार हजार डालर देने होंगे। उसकी बातों में आकर मनमोहन सिंह ने उसके बताए अकाउंट में रकम जमा करा दी। मगर कुछ ही देर के बाद फिर से फोन आ गया। वकील ने कहा कि वेटर का परिवार आ गया है। वो इतनी रकम लेकर समझौता करने को मान नहीं रहा है। उन्हें छह हजार डॉलर और देने होंगे। जिस पर उन्होंने वो रकम भी उनके बताए अकाउंट में जमा करा दी।
मनमोहन सिंह ने बताया कि बीच-बीच में वह जगमीत सिंह उर्फ मोनू का मोबाइल नंबर मिलाता रहा। उस पर बेल जाती रही, मगर उसने उठाया नहीं। उसी शाम जगमीत उर्फ मोनू का फोन आया। उसने बताया कि सोते समय फोन को साइलेंट कर दिया था। इसलिए उसे पता नहीं चला। मनमोहन सिंह ने जब उसे पैसे जमा कराने की बात बताई तो उसने बताया कि उसके साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ था। इसके बाद मनमोहन सिंह को अपने साथ धोखे का एहसास हुआ।