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हरियाणा: किसान आंदोलन में शामिल युवती से सामूहिक दुष्कर्म, महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट, एसआईटी भी गठित

Tue, 11 May 2021 12:52 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी/अमर उजाला, बहादुरगढ़/सोनीपत (सोनीपत)

सार

एसआईटी में शहर थाना प्रभारी, महिला थाना प्रभारी, सीआईए प्रभारी और साइबर सेल बहादुरगढ़ को शामिल किया गया है। एसपी राजेश दुग्गल ने खुद भी वारदात स्थल का मुआयना किया। 
 
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मामले की जांच की लिहाज से वारदात स्थल का मुआयना करते एसपी दुग्गल और एसआईटी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आंदोलनकारी किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में पश्चिम बंगाल की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सोमवार को हरियाणा राज्य महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने झज्जर के एसपी को पत्र लिखकर जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में युवती के पिता का कहना है कि जिन युवतियों ने उनकी बेटी के साथ गलत करने वालों पर कार्रवाई करवाने में मदद की, पुलिस ने उनको भी आरोपी बना दिया। 

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इधर, एसपी ने बहादुरगढ़ के डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी है। एसआईटी में शहर थाना प्रभारी, महिला थाना प्रभारी, सीआईए प्रभारी और साइबर सेल बहादुरगढ़ को शामिल किया गया है। एसपी राजेश दुग्गल ने खुद भी वारदात स्थल का मुआयना किया। 

उन्होंने घटनास्थल क्षेत्र व किसानों द्वारा तोड़े गए आरोपियों के टेंट का जायजा लिया। आरोप है कि वारदात को इसी शामियाने में अंजाम दिया गया। उधर, शहर के लाइनपार क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल की आवश्यक अवधि की सीसीटीवी फुटेज को एसआईटी ने कब्जे में ले लिया है। युवती के इलाज से संबंधित रिकॉर्ड भी अस्पताल से तलब किया है।

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किसान नेताओं से बातकर हिम्मत हुई तभी मैं सामने आया : पीड़ित पिता

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ सोमवार शाम को फेसबुक लाइव के जरिये ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में पीड़ित पिता ने कहा कि उनकी गुड़िया जो दो सवाल छोड़ गई, उसके बाद से वह और उनकी पत्नी मानसिक रूप से टूट गए थे और सामान्य नहीं हो पा रहे थे। वे अपने घर से हजारों मील दूर आए हैं, इसलिए उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि बेटी को न्याय दिलाने के लिए कहां जाएं और किससे मिलें। 

संयुक्त किसान मोर्चा के एक-दो नेताओं से बातचीत हुई तो उनको भरोसा मिला कि वे कानूनी कार्रवाई करें। उनकी हिम्मत हुई और उन्होंने बहादुरगढ़ पुलिस में केस दर्ज करवा दिया है। प्रेस कांफ्रेंस में पीड़ित पिता के साथ संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव, जोगिंदर सिंह उगराहां, डॉ. दर्शन पाल, हन्नान मोल्ला और युद्धवीर सिंह भी जुड़े रहे।

किसान नेताओं ने कहा कि आरोपी युवकों की संस्था किसान सोशल आर्मी किसान आंदोलन के मुख्य संगठन की सदस्य नहीं है। मोर्चा द्वारा आरोपियों को बचाने की कोशिशों का भी सवाल पैदा नहीं होता। योगेंद्र यादव ने कहा कि हम पीड़ित पिता को न्याय दिलाने में उनके साथ हैं। 

पिता ने मोर्चा के नेताओं के कहने पर ही दर्ज कराई एफआईआर : चढ़ूनी
उधर, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी सोमवार को टीकरी बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने बॉर्डर एरिया में पैदल किसानों से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पीड़ित युवती के मामले में मोर्चा पर ढिलाई बरतने का आरोप सही नहीं है। पीड़िता के पिता ने मोर्चा नेताओं के कहने पर ही मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है। 

पीड़िता के पिता एफआईआर दर्ज नहीं करवाना चाहते थे लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा ने जानकारी मिलते ही टीकरी बॉर्डर कमेटी को दोषियों पर कार्रवाई के लिए कह दिया था। इसके बाद उनके तंबू तक उखाड़ दिए थे। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म मामले के आरोपियों में से कोई भी मोर्चा नेताओं के संपर्क में नहीं है। चढूनी ने कहा कि आंदोलन में शामिल सभी महिलाओं की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उनके रहने, बैठने और शौचालय तक का भी अलग इंतजाम है।

बहुत जल्द गिरफ्तार होंगे सभी आरोपी: एसपी
बंगाल की किसान आंदोलनकारी युवती से दुष्कर्म मामले की जांच के लिए डीएसपी बहादुरगढ़ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया है। टीम ने मामले की जांच शुरू भी कर दी है। युवती की मौत के कारणों की भी जांच की जाएगी। आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। मैंने खुद भी उस स्थान का दौरा किया, जहां वारदात होने की शिकायत मिली है। - राजेश दुग्गल, एसपी झज्जर।
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