सेक्टर-38 स्थित स्टेपिंग स्टोंस स्कूल की बस में पांच साल की बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने स्कूल के प्रबंधक संजीव कुमार, प्रिंसिपल और बस ऑपरेटर अमरीक सिंह के खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। आईजी के आदेश पर सेक्टर-39 थाना पुलिस ने सोमवार को मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के अनुसार तीनों के ठिकाने पर गिरफ्तारी के लिए छापे मारे मगर वे फरार हैं। पुलिस के अनुसार संजीव कुमार और अमरीक सिंह के खिलाफ पॉक्सो की धारा 19-21 (2) के तहत केस दर्ज किया गया है।
चंडीगढ़ स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की चेयरपर्सन प्रोफेसर देवी सिरोही ने शनिवार को आईजी को जांच रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की सिफारिश की थी। एसएसपी सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लेंगे।
यह है मामला
स्टेपिंग स्टोंस स्कूल की एक बस के कंडक्टर जगजीत पर पांच साल की बच्ची से रोज स्कूल आते-जाते वक्त छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। बच्ची के शरीर पर निशान दिखने और उसके स्कूल जाने से मना करने पर यह मामला सामने आया।
इस पर बाल अधिकार आयोग ने अपनी जांच में पाया कि स्कूल प्रशासक और बस ऑपरेटर ने मामले की जानकारी होने के बाद 24 घंटे के भीतर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई और मामले को उलझाते रहे। इसे पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर संजीव कुमार और बस ऑपरेटर अमरीक सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर लांज करने की दर्ज करने की सिफारिश आईजी पुलिस से की।
इस पर स्कूल बस ऑपरेटरों ने कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ अपनी ताकत दिखाने के लिए हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके लिए बैठक भी उसी स्टेपिंग स्टोंस स्कूल में की गई, जहां के प्रशासक मामले में फंस रहे हैं। पांच साल की बच्ची से स्कूल बस में छेड़छाड़ का मामला गंभीर है। कमीशन की चेयरपर्सन की रिपोर्ट के आधार पर स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर, प्रिंसिपल और बस
ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। दोनों के खिलाफ सेक्टर-39 थाना पुलिस ने पॉक्सो के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- डा. सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी
केस रजिस्टर्ड होने की सूचना आपने ही दी है। स्कूल प्रबंधन और बस ऑपरेटर भी मामले में बराबर दोषी हैं। कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दबाव बनाने के लिए हड़ताल की जा रही है। किसी का गुनाह छुपाने के लिए दबाव बनाना गलत है। -बच्ची के पिता