पंजाब के मलोट में एक परिवार ने खौफनाक कदम उठा लिया। यहां के पटेल नगर में मस्जिद के निकट एक परिवार के सात लोगों ने सोमवार दोपहर बाद जहर निगल लिया। जहर खाने की वजह पारिवारिक कलह बताई जा रही है। इनमें से छह लोगों को मलोट के सिविल अस्पताल से गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज व अस्पताल रेफर किया गया है।
सभी लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी अनुसार पारिवारिक विवाद के चलते रिक्शा चालक मदन लाल (46), पत्नी नीलम रानी (40), बेटी कोमल रानी (18), बेटी ममता रानी (14), बेटी महक रानी (12) और सबसे छोटी बेटी खुशी (8) ने जहर निगल लिया। जहर खाने के बाद सबकी हालत खराब हो गई।
उन्हें अन्य पारिवारिक सदस्यों ने सिविल अस्पताल मलोट में दाखिल कराया। जहां से सभी लोगों को फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। जहां सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जाती है। पुलिस के पास अभी किसी ने कोई बयान दर्ज नहीं करवाया है। जैसे ही बयान दर्ज होंगे, उसके बाद ही विवाद व जहर निकलने का सही कारण का पता चल सकेगा।
डीएसपी बलकार सिंह ने बताया कि पुलिस को बयान लेने भेजा गया है। रिक्शा चालक मदन लाल का परिवार बेहद गरीब है। ये भी बताया जाता है कि मदन लाल की साली सीमा पत्नी सुंदर दास ने भी जहर निगला है। उसकी हालत भी ठीक है। सिविल अस्पताल के डॉ. विकास बांसल ने बताया कि इन सभी लोगों को अस्पताल में दाखिल कराने आए एक व्यक्ति के पास जहर की शीशी थी। संभवतः वही जहर इन लोगों ने खाया है। बेशक सभी की हालत खतरे से बाहर है, मगर खून में जहर का असर 72 घंटे तक रहता है।