एनकाउंटर में मारे गए वार्ड नंबर 16 के अकाली प्रधान मुखजीत सिंह उर्फ मुख्खा के मामले में पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार की रात तीन बजे तक धरना चला।
रात तीन बजे मुख्खा का शव गुरुद्वारा श्री नानकसर में रख दिया गया। बुधवार सुबह अकालियों ने फिर से वल्ला जीटी रोड पर धरना देकर जाम लगा दिया। सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किए जाने की सूचना पर देर शाम धरना समाप्त कर दिया गया।
मंगलवार को घटना के बारे में पता चलने पर मुख्खा के पिता सुल्तान सिंह, पत्नी हरजीत कौर, भतीजा युवराज सिंह, प्रीतपाल सिंह सहित गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। इसके बाद अकाली दल के जिला प्रधान उपकार सिंह संधू, डिप्टी मेयर अविनाश जौली और पार्षद मौके पर पहुंचे।
आक्रोशित भीड़ ने शव सड़क पर रखकर पहले मूदल हाईवे रोड जाम कर दिया। इस पर पुलिस ने घटनास्थल के दोनों तरफ के रास्ते बंद कर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया।
इसके बाद अकाली रात 11 बजे शव ट्रैक्टर में रखकर कमिश्नर आवास के बाहर धरना देने के लिए चल पड़े। वरेका चौक के पास से पुलिस मुलाजिमों ने उन्हें आगे जाने के लिए रोक दिया। इस पर कमिश्नर आवास के बाहर भारी फोर्स तैनात कर दोनों तरफ नाका लगा दिया। साढ़े 11 बजे जब डीसीपी परमपाल सिंह धरनास्थल पर पहुंचे।
डीसीपी की जिला अकाली प्रधान उपकार सिंह संधू से बातचीत की। पुलिस प्रशासन अपने मुलाजिमों के खिलाफ मामला दर्ज न करने पर अड़ा रहा। साढ़े 12 बजे के करीब अकाली नेताओं व पुलिस के बीच बातचीत विफल हो गई। इसके बाद अकाली भड़क उठे व पुलिस की गाड़ियों को पलटा दिया।
इस बीच एसीपी अमनबीर सिंह बराड़, डीसीपी क्राइम जगजीत सिंह वालिया पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटना के बारे में पता चलने पर एसजीपीसी के सदस्य राजिंद्र सिंह मेहता पहुंचे। पुलिस प्रशासन व अकाली नेताओं के बीच फिर शुरू हुई बातचीत फेल हो गई। डीसीपी परमपाल सिंह ने कहाकि आईजी मित्तल से फोन पर बात हुई है। बुधवार को एसआईटी की टीम आएगी और घटना पर जांच करेगी। इस पर रात 3 बजे करीब धरना दे रहे लोगों ने शव गुरुद्वारा श्री नानकसर में रख दिया।