सतलोक आश्रम में 18 नंवबर को चले ‘ऑपरेशन अरेस्ट’ के दिन देर रात पुलिस की तरफ से मिली छूट का फायदा उठाकर रामपाल के दोनों बेटे महिलाओं के कपड़े पहनकर भाग गए थे। इस बात का खुलासा खुद रामपाल ने पुलिस पूछताछ में किया है।
उसने बताया कि पुलिस ने जब अनुयायियों को बाहर निकलने की छूट दी और किसी को गिरफ्तार न करने की घोषणा की तो उसके दोनों बेटे भी महिलाओं के कपड़े पहनकर भीड़ का फायदा उठाकर निकल गए। रामपाल की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस उसके बेटों और दामाद को सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इसी कड़ी में पुलिस ने बुधवार को रामपाल से पूछताछ की जिसमें यह खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि अब तक जिन 909 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें रामपाल के बेटे नहीं है। क्योंकि ऑपरेशन से एक दिन पहले रामपाल के दोनों बेटों से पुलिस के आला अधिकारियों ने बातचीत की थी और उनसे रामपाल के सरेंडर की शर्त रखी थी, लेकिन वह नहीं माने थे। उधर, रामपाल ने अपने दामाद के बारे में जानकारी होने से इंकार किया है।
फायदा उठाकर रामपाल के दोनों बेटे फरार
पुलिस सूत्रों ने बताया कोर्ट से रामपाल की रिमांड इसी आधार पर बढ़वाई गई है कि उसके दोनों बेटे और दोनों दामाद की तलाश करनी है। इसी के चलते सिविल लाइन थाने में उससे पूछताछ की जा रही है।
रामपाल ने पूछताछ में बताया कि उसके बेटे मनोज और विरेंद्र भीड़ में मध्यप्रदेश के बैतूल आश्रम के लिए निकल गए थे। लेकिन अब वह कहां है इसकी उसे जानकारी नहीं है। पुलिस सूत्रों अनुसार जल्द ही एक टीम बैतूल आश्रम पहुंचेगी, जहां रामपाल से जुड़ी हर जानकारी जुटाई जाएगी।
ऑपरेशन अरेस्ट के शुरूआती दो दिनों में आश्रम में मौजूद संत के अनुयायी बिना पुलिस चेकिंग के बाहर निकाले गए थे। बाद में जब पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लिया तो उन्होंने हमला करने वालों को अलग से निकालना शुरू कर दिया और साथ ही उन्हें गिरफ्तार करते रहे। इससे पहले ही मौके का फायदा उठाकर रामपाल के दोनों बेटे फरार हो गए।
रामपाल के भाई की भी तलाश
पुलिस को रामपाल के भाई की भी तलाश है। पुलिस ने बताया है कि रामपाल का भाई महेंद्र सिंह भी भूमिगत हो चुका है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
फौजी जमाई रामपाल के कारनामों के खिलाफ: पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि रामपाल के दो दामाद हैं। इनमें से एक दामाद रामपाल का कारोबार संभालता है तो दूसरा दामाद फौजी है।
पुलिस ने बताया है कि रामपाल का फौजी दामाद उसके कारनामों के खिलाफ है। उसका रामपाल के आश्रम में भी किसी प्रकार कोई आना जाना नहीं है।