पंजाब पुलिस ने फर्जी लाइसेंस पर हथियार सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनसे 53 देसी और विदेशी हथियार, असलहा के 16 नकली लाइसेंस, असलहा लाइसेंस की खाली कॉपियां, एनओसी फॉर्म, नकली अथॉरिटी फॉर्म और कई राज्यों के जिला मजिस्ट्रेटों की 17 फर्जी मुहरें बरामद हुई हैं।
आईजी परमराज सिंह उमरानंगल और एसएसपी हरदयाल सिंह मान ने बताया कि गुरु हरसहाय स्थित भजन गन हाउस पर छापामारी कर उसके मालिक हरभजन लाल, मैनेजर अरविंदर सिंह, कोटकपुरा के गन हाउस मालिक गुरबचन सिंह व जलालाबाद के फौजी गन हाउस के मालिक रविंदर कुमार वासी अबोहर को गिरफ्तार करके अवैध असलहा बरामद किया था।
इन्होंने पूछताछ के दौरान एक बड़ा खुलासा किया। इसी के आधार पर फर्जी असलहा लाइसेंस तैयार कर अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है।
सरगना समेत 5 अरेस्ट, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
आरोपियों में गिरोह का सरगना दिनेश पलटा वासी फिरोजपुर, संत कुमार वासी फिरोजपुर कैंट, ओम प्रकाश निवासी पानीपत (हरियाणा), कमलकांत निवासी ओरैया (यूपी) और अमरदीप वासी बागपत (यूपी) शामिल हैं। इस गिरोह का नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी समेत कई राज्यों में फैला हुआ है।
आईजी ने बताया कि हरभजन लाल और उसका बेटा कपिल देव साल 2011 से फर्जी असलहा लाइसेंस वनीत दाबड़ा (दाबड़ा की मौत हो चुकी है) से तैयार करवाते थे। फर्जी लाइसेंस पर गैरकानूनी हथियार 315 बोर राइफल, 12 बोर बंदूकें, 32 बोर पिस्टल, रिवॉल्वर और कारतूस खरीद कर हरियाणा, राजस्थान, यूपी में बेचते थे।
इसी तरह हरभजन और कपिल के हथियार तस्करों से संबंध बन गए। दाबड़ा की मौत के बाद हरभजन और कपिल ने दिनेश पलटा से फर्जी लाइसेंस तैयार करवाना शुरू कर दिए। ये लोग उत्तरप्रदेश के कमलकांत, अमरदीप और इसलाम प्रधान के साथ तालमेल कर जाली असलहा लाइसेंस पर विभिन्न प्रकार के हथियार व कारतूस खरीद कर आगे लोगों को बेचते थे। ये हथियार विभिन्न गन हाउस से नकली फॉर्म नंबर-16 परचेज परमिट द्वारा खरीद के आगे बेचते थे।
और असली बिल खुर्दबुर्द कर देते थे।
गन हाउस का मालिक है आरोपी ओमप्रकाश
पकड़े गए ओम प्रकाश का पानीपत में कपूर गन हाउस है। वह जेएंडके, पंजाब और हरियाणा के फर्जी रिहाइशी पते के दस्तावेज तैयार करवा कर नकली असलहा लाइसेंस बनवाता था। आरोपी कमलकांत को पहले भी मानसा पुलिस ने फर्जी असलहा लाइसेंस के मामले में गिरफ्तार किया था।
इसमें दिनेश पलटा भी शामिल था, जिसे अदालत ने भगोड़ा घोषित किया हुआ था। कमलकांत यूपी से पिस्टल, रिवॉल्वर 20 हजार में खरीद कर कपिल को 40 हजार में बेचता था जबकि कपिल ग्राहकों को अस्सी हजार में बेचता था।
कपिल इसके बदले में कमलकांत को 32 बोर व 315 बोर के कारतूस देता था, जो कमलकांत आगे महेश शर्मा वासी आगरा व सरजन लाल वासी गोरखपुर को देता था।