लुधियाना के गांव अकालगढ़ के पूर्व सैनिक करमजीत सिंह ने गुजरात के सूरत में वीरवार देर रात साढ़े बारह बजे एस्कार्ट सिक्योरिटी सर्विस सूरत के उच्चाधिकारी मेवा सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद करमजीत सिंह फरार हो गया। मृतक मेवा सिंह भी मूल रूप से लुधियाना की तहसील जगरांव के गांव मलक का रहने वाला था। करमजीत सिंह के खिलाफ सूरत के थाना उमरा में मृतक के भतीजे सुखजीत सिंह के बयान पर धारा 302 और आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर लिया गया है।
राकेश लोटन ने कहा कि कर्मजीत सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ पहले मेवा सिंह के साथ एक ही घर में रहता था। करीब 25 दिन पहले ही वह सूरत में अपना अलग मकान लेकर रहने लगा। उसे शक था कि उसकी पत्नी मेवा सिंह की तरफ आकर्षित हो रही है।
वीरवार रात कर्मजीत ने मेवा सिंह को अपने घर की छत पर पकड़ लिया लेकिन मेवा सिंह वहां से फरार हो गया। रात करीब साढ़े बारह बजे कर्मजीत सिंह अपनी 12 बोर की लाइसेंसी राइफल लेकर मेवा सिंह के घर गया और उसे दो गोली मार दी। गोलियों से भून दिया।मेवा सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।