कार की जांच करती विजिलेंस की टीम।
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मोहाली में विजिलेंस ब्यूरो ने मंगलवार को पंजाब अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पुडा) के सेक्शन अफसर दविंदर कुमार को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है। इस संबंध में विजिलेंस को फेज-11 निवासी निर्मल सिंह ने शिकायत दी थी। आरोपी पर विजिलेंस के फ्लाइंग स्क्वायड थाने में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा सात के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को विजिलेंस बुधवार को अदालत में पेश करेगी। विजिलेंस की टीम हर तथ्य की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
शिकायतकर्ता निर्मल सिंह ने बताया कि उसे फेज-11 में बूथ अलॉट किया हुआ है। आरोपी उसे रद्द न करने के एवज में एक लाख रुपये की मांग कर रहा था। वह उसे पचास हजार रुपये पहले ही दे चुके थे। फिर भी आरोपी उसे डरा धमकाकर एक लाख रुपये और मांग रहा था। वह इस वजह से काफी परेशान चल रहा था। इसके बाद उसने इस संबंध में विजिलेंस को शिकायत दी। इसके बाद विजिलेंस के डीएसपी अजय कुमार की अगुवाई वाली टीम पूरी तैयारी के साथ पुडा भवन गई। इस दौरान जैसे ही निर्मल ने आरोपी को एक लाख रुपये दिए तो उसी दौरान विजिलेंस की टीम ने उसे काबू कर लिया।
नई सरकार के आने के बाद पुडा भवन में पहली विजिलेंस कार्रवाई
राज्य में नई सरकार आने के बाद विजिलेंस की तरफ से पुडा भवन में यह पहली कार्रवाई की गई। जब किसी अधिकारी को इस तरह रिश्वत लेते पकड़ा गया है। गत सरकार के समय 2017 में विजिलेंस ने एक अधिकारी व उसके सहायक को रिश्वत लेते दबोचा था। वह मामला अभी तक अदालत में चल रहा है।
विजिलेंस ने पार्किंग में खड़ी कार भी चेक की
अदालत में जाकर विजिलेंस का केस कमजोर न पड़ जाए। इस बात को लेकर भी विजिलेंस काफी गंभीर दिखी। इस दौरान विजिलेंस की टीम ने आरोपी को साथ लेकर उसकी कार की भी चेकिंग की। इस दौरान प्रत्येक चीज की वीडियोग्राफी की गई। हालांकि जब विजिलेंस की टीम ऑपरेशन में जुटी हुई थी तो लोगों को समझ नहीं आ रहा कि आखिर क्या हो रहा है।