कृषि विभाग के काडा (कंबाइंड एरिया डिवीजन) में तैनात एसडीओ और एक जेई को विजिलेंस टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोप है कि दोनों ने एक ठेकेदार से एक लाख रुपये के बिल पास करवाने के एवज में पांच हजार रुपये मांगे थे। विजिलेंस ने भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार गांव कौलेखां निवासी ठेकेदार सुरेंद्र सिंह कृषि विभाग के काडा सेक्शन से ठेके लेकर खेतों में सिंचाई के लिए खालों को पक्का करने का काम करता है। उसने एक ठेका लिया था, जिसके बिल उसने जमा करवाए थे।
इस बिल में से ठेकेदार को साढ़े चार लाख रुपये की राशि तो मिल गई थी, लेकिन एक लाख रुपये बकाया था। इसी काम के बिल पास करवाने के लिए एसडीओ बलजीत सिंह ने उससे पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
डीसी से अनुमति लेकर डाली रेड
ठेकेदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उसने इस संबंध में विजिलेंस को शिकायत दी। विजिलेंस टीम ने डीसी से अनुमति प्राप्त कर रेड का कार्यक्रम तय किया। इस रेड के लिए डीसी ने नायब तहसीलदार रामचंद्र को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया।
शुक्रवार बाद दोपहर शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह ने काडा के कार्यालय में जाकर एसडीओ बलजीत सिंह को पांच हजार रुपये की रिश्वत राशि दी तो एसडीओ ने कहा कि यह पैसे जेई बलवंत सिंह को दे दो। इसके बाद सुरेंद्र ने जेई बलवंत सिंह को पैसे दे दिए।
इसी बीच विजिलेंस टीम ने छापामार कर एसडीओ बलजीत सिंह और जेई बलवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। एसएचओ विजिलेंस तेजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।