दो साल कोमा में रहकर जिंदगी व मौत की लड़ाई से जूझने के बाद 23 साल के यानिक निहंगाजा की बरूंडी में मौत हो गई है। यानिक जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बीएससी कंप्यूटर्स में पहले साल का स्टूडेंट्स था।
उस पर अच्छे परिवारों से संबंध रखने वाले कुछ लड़कों ने हमला करके बुरी तरह से घायल कर दिया था। यानिक में पिता नेस्टर नटिवाटेगान्या ने एक समाचार पत्र को 3 जुलाई को भेजी एक ईमेल में इस बात की पुष्टि की है।
22 अप्रैल, 2012 को यानिक रात को पार्टी करने के बाद वापस लौट रहा था। इसी दौरान उस पर कुछ लड़कों ने हमला करके बुरी तरह से घायल कर दिया था। इसके बाद यानिक कोमा में चला गया था। तब से उसका इलाज पटियाला के कोलंबिया एशिया अस्पताल में ही चल रहा था।
दो साल से ज्यादा समय तक अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहने के बाद उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया। बीती 16 जून को पंजाब सरकार ने एक विशेष एयर एंबुलेंस के जरिये यानिक को अफ्रीका में बरूंडी भेज दिया था। यानिक को भेजने पर पंजाब सरकार ने 75 लाख खर्च किए थे।
यानिक के साथ कुछ जरूरी दवाएं व डाक्टरों की टीम भी भेजी गई थी, लेकिन जिंदगी व मौत की लड़ाई में हारते हुए यानिक की बरूंडी में मौत हो गई है। यानिक की मौत से उसके पिता काफी सदमे में हैं, जो पटियाला में यानिक के इलाज के दौरान हमेशा उसके साथ रहे।