2006 के करौंथा कांड मामले में रामपाल आज 9 साथियों सहित रोहतक सेशन कोर्ट में पेश हो गए। कोर्ट ने रामपाल को हिसार जेल वापस भेज दिया है। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। मामले से जुड़े 31 आरोपी कोर्ट में पेश किए गए थे, इनमें 7 आरोपियों के अरेस्ट वारंट जारी किए गए।
बता दें कि 2006 से 2008 तक 22 माह रामपाल रोहतक जिला कारागार में रहा था। जेल प्रशासन का साफ कहना है कि रामपाल जेल के लिए एक आरोपी है, इसलिए आम बंदियों की तरह ही रहेगा। लेकिन, यदि सुरक्षा के हिसाब से जरूरत पड़ी तो उसे सिक्योरिटी सेल में बंद किया जा सकता है।
12 जुलाई 2006 को करौंथा के सतलोक आश्रम के बाहर आर्य समाजियों और रामपाल अनुयायियों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। बवाल में झज्जर जिले के गांव बाघपुर निवासी युवक सोनू की मौत हो गई थी। रामपाल सहित 39 लोगों को आरोपी बनाया गया। मामला रोहतक सत्र न्यायालय में विचाराधीन है। इन सभी को 3 दिसंबर को कोर्ट में पेश होना था।
लेकिन 11 लोग बरवाला मामले में हिसार पुलिस के पास रिमांड पर चल रहे थे। इस पर जिला सत्र न्यायाधीश ने रामपाल, उसके बेटे वीरेंद्र, पुरुषोत्तम, राजकपूर, रवींद्र ढाका, राजेंद्र दहिया, बलजीत आदि को 19 दिसंबर को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए। इनके अलावा उस दिन जो आरोपी पेश नहीं हुए थे, उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
पेशी को लेकर प्रशासन अलर्ट
रामपाल की पेशी को लेकर जिला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया है। कोर्ट कैंपस की सुरक्षा और हिसार से रोहतक के रूट मैप को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। सभी चौक चौराहों पर पुलिस मौजूद रहेगी। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
सुनारिया जेल में पूरी तैयारी
जेल सूत्रों की मानें तो अगर रामपाल को जेल भेजा जाता है तो उसे किस बैरक में बंद किया जाएगा, इसकी तैयारी कर ली गई है। जेल में विचाराधीन बंदियों के लिए फिलहाल 5 बैरक हैं। एक बैरक में कैदियों के बीच ही रामपाल को रखने पर विचार किया जा रहा है। लेकिन, सुरक्षा कारणों को भी नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए रामपाल को सिक्योरिटी सेल में भी रखा जा सकता है।
कहीं बंदी और कर्मी चेले ने बन जाएं
अधिकारी इस बात को लेकर भी सजग हैं कि रामपाल को कैदियों के बीच किस तरह रखा जाए। पिछली बार जेल में कुछ कर्मियों के साथ-साथ कुछ कैदी भी रामपाल के प्रभाव में आकर उसके चेले बन गए थे। ऐसे में इस बार जेल प्रशासन किसी तरह का रिस्क लेने के मूड में नही है।
वर्जन::::
‘जेल में रामपाल का आना अथवा न आना कोर्ट के आदेश पर निर्भर करता है। यदि वह जेल में आता भी है तो आम बंदियों की तरह ही है। इसलिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। सुरक्षा कारणों के लिहाज से सिक्योरिटी सेल भी है।’ दयानंद मंडोला, जेल अधीक्षक, सुनारिया जेल, रोहतक।
‘पूरी तैयारी है। सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रहेगी। हिसार से आने वाले रास्ते के साथ साथ कोर्ट कैंपस व आसपास में पुलिस बल तैनात रहेगा।’ शशांक आनंद, एसपी, रोहतक।
रामपाल की पेशी को लेकर पूरी तैयारी है। एसपी से भी बातचीत हुई है।
शेखर विद्यार्थी, डीसी, रोहतक।