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रोहतक PGI में टॉपर छात्रा पर यौन संबंध बनाने का दबाव, केस दर्ज

Sun, 18 Jun 2017 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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Rohtak PGI
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पीजीआई में एक स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर ने टॉपर छात्रा की उत्तरपुस्तिका से यूएमसी हटवाने के एवज में छेड़खानी की। इस मामले में छात्रा ने परीक्षा अधीक्षक पर भी मिली भगत का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर परीक्षा अधीक्षक देवेंद्र और स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर हरपाल के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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पुलिस को दी शिकायत में छात्रा ने बताया कि वह प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की टॉपर रही है और उसका 14 जून 2017 को पेपर था। जब वह परीक्षा हाल में गई तो उसकी और रोल नंबर की जांच हुई। उसने पेपर में बैठकर कुछ इक्वेशन पेंसिल से अपने रोल नंबर पर लिख लीं ताकि वह भूल न जाए। एक बजे उसे जब पेपर मिला तो उसने दोनों इक्वेशन उतर पुस्तिका पर लिख दीं। लेकिन उसका पेपर से मिलान नहीं हो रहा था। छात्रा का आरोप है कि तभी परीक्षा अधीक्षक देवेंद्र आए और उन्होंने उससे रोल नंबर और उतर पुस्तिका छीन ली। आरोप है कि उसकी बात सुने बिना ही एक मिनट के अंदर ही मैडम ने पेपर पर यूएमसी लिख दिया और उसको नई उतर पुस्तिका दे दी। बाद में छात्रा ने अपना पेपर हल किया। छात्रा ने बताया कि पेपर के बीच में स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर हरपाल फिर आया और उसने छात्रा से जाने के लिए कहा।

छात्रा का कहना है कि जब वह पेपर देेकर चली गई तो देवेंद्र ने दूसरे लड़के को उसके पास भेज दिया, उसके साथ ही उस लड़के की भी यूएमसी बनी थी। पहले तो परीक्षा अधीक्षक देवेंद्र ने छात्रा से उसके परिवार के बारे में पूछा। फिर स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर हरपाल से बात करने के लिए कहा। स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर ने छात्रा को डेढ घंटे के बाद अपने आफिस मे मिलने की बात कहकर अपना मोबाइल नंबर और स्थान बताया। यहां छात्रा को अकेले आने के लिए बोला गया। स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर ने कहा कि पेपर उनके पास ही है। साथ ही बताया कि वहां पर देवेंद्र भी होंगे, मिलकर कुछ समाधान निकाल लेंगे। जब छात्रा मिलने गई तो उसने अपनी सहेली को बाहर ही रुकने के लिए बोल दिया। छात्रा का कहना है कि यहां पर हरपाल अकेला ही मौजूद था। हरपाल ने उससे कहा कि उसका कुछ नहीं हो सकता। यहां नर्सिंग की लड़कियां बहुत आती हैं। वह सब पेपर में पास करवाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाती हैं।
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पुलिस ने परीक्षा अधीक्षक और स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर पर दर्ज किया केस

- फोटो : DEMO Pics
इसके बाद आरोपी ने छात्रा के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। इतना ही नहीं आरोपी ने छात्रा को डराने के लिए अपनी कहानी सुनाते हुए कहा कि उसने अपनी 12वीं कक्षा में परीक्षा के दौरान जांचकर्ता के सिर पर पिस्तौल रख दी थी और उसके साथ मारपीट भी की थी। जैसे-तैसे वह आरोपी के चंगुल से निकली। इसके बाद उसने सारी बात अपनी सहेली और अपने पिता को बताई। छात्रा का आरोप है कि 16 जून को उसके मोबाइल पर एक कॉल आई। इसमें फोन करने वाले ने खुद का नाम हरपाल बताया।

इसके बाद आरोपी ने छात्रा से कहा कि उसने यूएमसी की सुनवाई सोमवार को तय कर दी है और उसने एक आदमी से बात की है। आरोपी ने छात्रा से कहा कि उसे सिर्फ एक एप्लीकेशन देनी है। इसके बाद वह उसकी बात परीक्षा नियंत्रक से करवा देगा। इस बार भी आरोपी ने छात्रा से अकेले से मिलने की बात कही। फिर छात्रा ने अपने परिजनों को सारी बात बता दी। फिर पूरे मामले के बारे में विभाग के डीन को बताया गया।

इसके बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। अब छात्रा का कहना है कि वह तीन साल से टॉपर है। एक बार भी इस तरह के मामले में नहीं फंसी है। छात्रा का आरोप है कि पूरी साजिश रची गई है। उसने कहा कि हरपाल इसी तरह से लड़कियों का शोषण करवाता है। हरपाल और देवेंद्र की ऐसे मामलों में मिली भगत रहती है। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक के माध्यम से क्लीन चिट दिलवाने का काम करने की कोशिश भी की है। साथ ही छात्रा ने कहा कि उसका पढ़ाई का रिकॉर्ड देखा जाए ताकि सच्चाई का पता चल सके।

बोले अधिकारी
यूएमसी बनने के बाद किसी तरह से भी कैंसल नहीं हो सकती। किसी छात्रा की शिकायत उनके पास नहीं आई है। यदि कोई छात्रा पुलिस के पास गई है तो जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
- डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक, हेल्थ विश्वविद्यालय
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