पीजीआई में एक स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर ने टॉपर छात्रा की उत्तरपुस्तिका से यूएमसी हटवाने के एवज में छेड़खानी की। इस मामले में छात्रा ने परीक्षा अधीक्षक पर भी मिली भगत का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर परीक्षा अधीक्षक देवेंद्र और स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर हरपाल के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में छात्रा ने बताया कि वह प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की टॉपर रही है और उसका 14 जून 2017 को पेपर था। जब वह परीक्षा हाल में गई तो उसकी और रोल नंबर की जांच हुई। उसने पेपर में बैठकर कुछ इक्वेशन पेंसिल से अपने रोल नंबर पर लिख लीं ताकि वह भूल न जाए। एक बजे उसे जब पेपर मिला तो उसने दोनों इक्वेशन उतर पुस्तिका पर लिख दीं। लेकिन उसका पेपर से मिलान नहीं हो रहा था। छात्रा का आरोप है कि तभी परीक्षा अधीक्षक देवेंद्र आए और उन्होंने उससे रोल नंबर और उतर पुस्तिका छीन ली। आरोप है कि उसकी बात सुने बिना ही एक मिनट के अंदर ही मैडम ने पेपर पर यूएमसी लिख दिया और उसको नई उतर पुस्तिका दे दी। बाद में छात्रा ने अपना पेपर हल किया। छात्रा ने बताया कि पेपर के बीच में स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर हरपाल फिर आया और उसने छात्रा से जाने के लिए कहा।
छात्रा का कहना है कि जब वह पेपर देेकर चली गई तो देवेंद्र ने दूसरे लड़के को उसके पास भेज दिया, उसके साथ ही उस लड़के की भी यूएमसी बनी थी। पहले तो परीक्षा अधीक्षक देवेंद्र ने छात्रा से उसके परिवार के बारे में पूछा। फिर स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर हरपाल से बात करने के लिए कहा। स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर ने छात्रा को डेढ घंटे के बाद अपने आफिस मे मिलने की बात कहकर अपना मोबाइल नंबर और स्थान बताया। यहां छात्रा को अकेले आने के लिए बोला गया। स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर ने कहा कि पेपर उनके पास ही है। साथ ही बताया कि वहां पर देवेंद्र भी होंगे, मिलकर कुछ समाधान निकाल लेंगे। जब छात्रा मिलने गई तो उसने अपनी सहेली को बाहर ही रुकने के लिए बोल दिया। छात्रा का कहना है कि यहां पर हरपाल अकेला ही मौजूद था। हरपाल ने उससे कहा कि उसका कुछ नहीं हो सकता। यहां नर्सिंग की लड़कियां बहुत आती हैं। वह सब पेपर में पास करवाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाती हैं।