डायमंड शोरूम में लूट मामले में मालिक गिरफ्तार
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सेक्टर-17 स्थित डायमंड शोरूम में 14 करोड़ की लूट का ड्रामा रचने के मुख्य आरोपी और शोरूम के सह मालिक रजनीश वर्मा को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने आरोप से सीसीटीवी डीवीआर और ज्वेलरी बरामद करने की दलील देते हुए उसका चार दिन का रिमांड मांगा। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने मथुरा में ज्वेलरी बेची है और उसे रिकवरी करने के लिए उन्हें आरोपी को मथुरा लेकर जाना है। पुलिस की दलील के बाद अदालत ने पुलिस को उसका 3 दिन का रिमांड दे दिया।
इससे पहले पुलिस ने कोर्ट में बताया कि रजनीश वर्मा ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसके भाई विनोद को फर्जी लूट की योजना बनाने वाले तीनों आरोपियों की जानकारी थी। उसने कहा कि वह अपने निजी खर्चे के लिए ज्वेलरी और कैश भाई से ले गया था। उसने कुछ ज्वेलरी मथुरा में अपने जानकार को बेची थी। वहीं, रजनीश के अनुसार विनोद ने डीवीआर की तार काट दी थी और डीवीआर व कटर उसे दिए थे। रजनीश ने वह डीवीआर और कटर पंचकूला में घग्घर नदी में फेंक दिया था।
वहीं, रजनीश की ओर से पेश हुए एडवोकेट मुनीष दीवान ने अदालत से कहा कि पुलिस ज्वेलरी पहले ही रिकवर कर चुकी है। साथ ही रजनीश के जो बयान दर्ज करने की बात पुलिस ने कही है उसमें रजनीश के साइन उसे धमका कर लिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने रिमांड पेपर में कहीं नहीं बताया कि मथुरा में कहां और किस से ज्वेलरी रिकवर करनी है।
सरेंडर किया लेकिन पुलिस दिखा रही गिरफ्तारी
पुलिस ने रजनीश की गिरफ्तारी सेक्टर-17 के बस स्टैंड के पास नाके से दिखाई है, जबकि रजनीश ने अदालत में बताया कि उसने खुद थाने में सरेंडर किया था। शाम 7 बजे सरेंडर से पहले सेक्टर-17 एसएचओ को व्हट्सएप पर मैसेज किया था। बाद में उन्होंने यहीं मैसेज उन्हें टेक्सट किया था। इन मैसेज की जांच के लिए रजनीश ने अपने मोबाइल की जांच तक करवाकर देखने की बात कही है। इसके अलावा उसने थाने के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी जांच करवाने की बात कही।