फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विनीत की तलाश में तीन जिलों में छापे

Fri, 03 Jun 2016 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का विवादित पोस्टर फेसबुक पर वायरल होने के बाद से पूर्व एमएलसी और बसपा नेता विनीत सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बुधवार की रात विनीत और उनके अज्ञात साथियोें के खिलाफ रंगदारी, बलवा और धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने शिकंजा कस दिया। पुलिस और क्राइम ब्रांच ने उनकी तलाश में तीन जिलों वाराणसी, चंदौली और मिर्जापुर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। सर्विलास के जरिये भी उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। विनीत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की तीन टीमों को लगाया गया है। 
विज्ञापन


सकलडीहा के पूर्व ब्लाक प्रमुख और अवलेशपुर निवासी प्रापर्टी डीलर शशिकांत राजभर ने विनीत सिंह के खिलाफ पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में बुधवार की रात रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शशिकांत का आरोप है कि चार अप्रैल को विनीत दर्जन भर साथियों के साथ उसके अवलेशपुर स्थित घर में घुस आए और एक लाख रुपये जबरन ले गए। विरोध करने पर नौकर को धमकाते हुए परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। फिर बुधवार को विनीत के चार-पांच साथियों ने उसे अखरी बाईपास पर घेर लिया लेकिन उसे किसी तरह भागकर जान बचानी पड़ी।

एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विनीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं। वाराणसी के चोलापुर के गोला गांव स्थित पैतृक आवास के अलावा मिर्जापुर और चंदौली के सैयदराजा में छापेमारी की गई। जल्द ही पुलिस  विनीत तक पहुंचेगी। 
विज्ञापन


सीसीटीवी फुटेज भेजी जाएगी जांच के लिए
अवलेशपुर स्थित घर में घुसकर विनीत के धमकाने और रंगदारी मांगने के मामले में शशिकांत राजभर द्वारा उपलब्ध कराई सीसीटीवी फुटेज को जांच के लिए साइबर सेल लखनऊ को भेजेगी। रोहनिया पुलिस ने बताया कि शशिकांत राजभर के सीसीटीवी सिस्टम की हार्ड डिस्क को कब्जे में ले लिया गया है।

अचानक ऐसा क्या हुआ कि अदावत हो गई
वाराणसी। पूर्व एमएलसी विनीत सिंह और पूर्व ब्लाक प्रमुख शशिकांत राजभर के बीच अब भले ही अदावत हो गई हो लेकिन कुछ महीने तक दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे। दोनों को नजदीक से जानने वालों के अनुसार विनीत और शशिकांत ने साथ मिलकर चंदौली और बनारस में कई जगह प्लाटिंग का काम किया। शशिकांत के घर विनीत की आवाजाही लगी रहती थी, दोनों साथ-साथ ही दिखाई देते थे। इसी बीच अचानक न जाने क्या हुआ कि दोनों में दूरी बढ़ती गई। चर्चाओं के अनुसार दोनोें के रिश्तों में कड़वाहट की वजह डेढ़ करोड़ रुपये के लेनदेन का विवाद है।

बृजेश और सुशील की साजिश का शिकार हुए : त्रिभुवन नारायण
एमएलसी बृजेश सिंह और उनके भतीजे एमएलए सुशील सिंह की साजिश का शिकार हुए हैं पूर्व एमएलसी विनीत सिंह। यह आरोप लगाते हुए विनीत के भाई त्रिभुवन नारायण सिंह ने चंदौली और बनारस में आमजन के बीच पर्चे बंटवाए। त्रिभुवन नारायण ने कहा कि शशिकांत ने विनीत से कई लाख रुपये कर्ज लिया था। अचानक उसकी नीयत बदल गई और रुपये न देना पड़े इसके लिए वह बृजेश सिंह और सुशील सिंह से जा मिला।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी होने के कारण बृजेश और सुशील ने शशिकांत को विनीत के खिलाफ मोहरा बनाया। दोनों ने साजिश रच कर शशिकांत के जरिये विनीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। त्रिभुवन नारायण ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही, कहा कि इस मामले को लेकर वह उच्च न्यायालय भी जाएंगे। 

उधर, इस बारे में एमएलए सुशील सिंह ने कहा कि शशिकांत से उनका कोई ताल्लुक नहीं है। खुद शशिकांत 2012 में उनके खिलाफ विनीत की मदद से विधानसभा चुनाव में उतरे थे। हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में भी उनके खिलाफ वह विनीत के साथ ही रहे। आरोप लगाने वाले कल को यह भी कह सकते हैं कि विनीत के फोटो के साथ मुख्यमंत्री जी का विवादित पोस्टर भी हमने वायरल कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें