हरियाणा के मुख्यमंत्री के निवास स्थान के सामने एक्टिवा और मोटरसाइकिल के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इसमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सोमवार देर रात हुआ। सड़क हादसे में मरने वाले देवी भट्ट का शव दोपहर को उनके कैंबवाला स्थित घर पर पहुंचा तो उनकी बेटियों की चीख पुकार सुनकर वहां मौजूद हरेक व्यक्ति का दिल हिल गया। देवी की छह बेटियां हैं।
इसके अलावा उनके एक पांच साल का बेटा भी है। वह सबसे छोटा है। अब घर में कमाने वाला कोई नहीं है। सिर्फ एक बेटी की शादी हुई है। भट्ट का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के जिला अल्मोड़ा का निवासी है। देवी के साले डीके जोशी का कहना है कि छह बेटियां और उनकी बहन का रो-रो कर बुरा हाल उन्होंने बताया कि हादसे के समय भट्ट अपनी मोटरसाइकिल पर सेक्टर-37 से कैंबवाला घर पर आ रहे थे।
अनीश के भी हैं तीन बच्चे:
इस हादसे में एक्टिवा सवार अनीश की भी मौत हो गई। उसके भी तीन बच्चे हैं। अनीश की पत्नी बबली गहरे सदमे में है। अनीश के पिता की भी मौत हो चुकी है। अनीश के भाई ब्रिजेश का कहना है कि हादसे के समय वह अपने दोस्त मामचंद को नया गांव छोड़ने के लिए जा रहा था। उनका कहना है कि भाई की मौत से पूरा परिवार हिल गया है।
ऐसे हुआ हादसा:
पुलिस के अनुसार मोटरसाइकिल सवार कैंबवाला निवासी देवी भट्ट (45) लेक को जाने वाली सड़क पर जा रहे थे। वहीं एक्टिवा सवार सेक्टर-39 निवासी अनीश (31) अपने दोस्त मामचंद के साथ नया गांव की तरफ जा रहा था। तेज रफ्तार से बाइक चलाता देवी अचानक अनीश की तरफ आ गया और दोनों की जोरदार टक्कर हो गई।
पास से गुजरती महिला ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती करवाया गया जहां पर डॉक्टरों ने अनीश को मृत घोषित कर दिया जबकि देवी भट्ट की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं मामचंद का इलाज पीजीआई में चल रहा है। उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है।
एमएलए हॉस्टल में काम करता था अनीश:
अनीश पंजाब के एमएलए हॉस्टल में कार्यरत था जबकि देवी जीरकपुर के एक कैटरिंग वाले के पास काम करता था। मालूम हो कि इस सड़क पर काफी कम आवाजाही रहती है और घटनास्थल के पास ही चंडीगढ़ क्लब भी है। खाली सड़क देखकर लोग वाहन तेज चलाने लगते हैं।
कोट
यह हादसा मोटरसाइकिल सवार की लापरवाही से हुआ है। मोटरसाइकिल सवार सामने से आ रही एक्टिवा की तरफ आ गया था। यह सब घटनास्थल पर एक महिला ने देखा था। महिला ने ही पुलिस को इसकी सूचना दी थी।
- आशीष कपूर, डीएसपी सेंट्रल
इसी जगह हुई थी दो भाइयों की मौत:
साल 2010 के अगस्त माह में इसी जगह पर कार की चपेट में आने से दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई थी। उसके बाद प्रशासन ने इस सड़क पर स्ट्रीट लाइटें बढ़ा दी थी। मालूम हो कि रविवार रात को भी औद्योगिक क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से स्कूटर सवार की मौत हो चुकी है।