जब रक्षा करने वाली पुलिस ही लुटेरी हो जाए तो आम आदमी कहां जाए। जी हां, मामला हरियाणा के सोनापत का है। यहीं चार दिन पहले रिश्तेदार से पैसे लेकर नरेला से सोनीपत आए मिर्च मंडी के व्यापारी संदीप गोयल से साढ़े 17 लाख की लूट के मामले में पुलिस ने रोहतक पुलिस के कांस्टेबल राजीव कुमार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि राजीव सहकारिता मंत्री की सुरक्षा में तैनात रहा है, हालांकि मंत्री मनीष ग्रोवर ने इससे अनभिज्ञता जताई है। पकड़े गए कांस्टेबल का साथी मंजीत अभी फरार है, वह भी पुलिस लाइन रोहतक में कांस्टेबल है। पुलिस ने राजीव को दो दिन के रिमांड पर लिया है। मंगलवार को उसे फिर अदालत में पेश किया जाएगा।
जांच अधिकारी सदर थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि आठ दिसंबर को मिर्च मंडी के व्यापारी संदीप गोयल ने शिकायत दी थी कि वह अपने रिश्तेदार से बिजनेस के लिए पैसे लेकर नरेला से सोनीपत आया था। रास्ते में लहराड़ा के नजदीक पुलिस की वर्दी में दो युवक आए और उससे 17 लाख 56 हजार रुपये छीन कर ले गए। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान बैंयापुर गांव के युवक संदीप को काबू किया।
सहकारिता मंत्री की सुरक्षा में तैनात रहा है आरोपी
पुलिस कांस्टेबल ने रची थी लूट की साजिश
रिमांड के दौरान संदीप ने खुलासा किया कि उसका भाई मंजीत व उसका दोस्त लहराड़ा निवासी राजीव रोहतक पुलिस में तैनात हैं। संदीप को पता लगा था कि व्यापारी पैसे लेकर आ रहा है। उसने मंजीत व राजीव को सूचना दे दी। दोनों व्यापारी से पैसे लूटकर फरार हो गए। संदीप से हुए खुलासे के बाद पुलिस ने राजीव को महलाना रोड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
जल्द रिकवर होगी नकदी
जांच में सामने आया है कि राजीव सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की सुरक्षा में तैनात रहा है, जबकि संदीप का भाई मंजीत रोहतक पुलिस लाइन में कांस्टेबल के तौर पर तैनात है। संदीप व राजीव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मंजीत अभी फरार है। जल्द नकदी भी रिकवर कर ली जाएगी।
रमेश चंद्र, जांच अधिकारी, एसएचओ थाना सदर
राजीव और मंजीत रोहतक पुलिस में कांस्टेबल के तौर पर तैनात हैं। राजीव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मंजीत को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है। कानून तोड़ने वाला चाहे कोई हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। - अश्विन शैणवी, एसपी सोनीपत
राजीव नाम का कांस्टेबल कभी भी मेरी सुरक्षा में तैनात नहीं रहा। मेरी सिक्योरिटी में दो लोग हें, जो स्थायी तौर पर तैनात हैं। राजीव नाम के किसी कांस्टेबल को मैं नहीं जानता।
- मनीष ग्रोवर, सहकारिता मंत्री