हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान बीती 22 व 23 फरवरी को एनएच-1 पर मुरथल के निकट उपद्रवियों की ओर से कुछ महिलाओं को वाहनों से उतारकर कथित तौर पर गैंगरेप किए जाने की घटना चर्चा में आने के तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
शुक्रवार को हरियाणा सचिवालय में प्रदेश के डीजीपी यशपाल सिंघल बार-बार मीडियाकर्मियों से आग्रह करते रहे कि इस मामले में कोई साक्ष्य, बयान, पीड़ित की जानकारी पुलिस को मुहैया कराएं।
उन्होंने कहा कि पूरा मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के संज्ञान में है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि इस मामले में कोई सच्चाई है तो किसी भी दोषी तो बख्शा न जाए। डीजीपी ने कहा कि सरकार और पुलिस अपने स्तर पर हरसंभव साधनों से घटना की सत्यता का पता लगाने में जुटी है।
उन्होंने बताया कि तथाकथित घटना के संबंध में सूचना एकत्रित करने के लिए पुलिस उप-महानिरीक्षक डॉ. राजश्री सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जिसमें दो महिला पुलिस उप-अधीक्षक शामिल हैं। कमेटी की अन्य दो सदस्य भारती डबास और सुरेंद्र कौर हैं।
डॉ. राजश्री सिंह का फोन नंबर 9729995000, भारती डबास का 8053882302 और सुरेंद्र कौर का 9729990760 है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति उक्त कथित घटना के बारे में कोई भी जानकारी इन नंबरों पर जांच कमेटी को दे सकता है। जानकारी देने वालों के बारे में पूरी गोपनीयता बरती जाएगी।
उपलब्ध कराई जाने वाली सूचना ऑडियो-वीडियो क्लिप व फोटोग्राफ या किसी भी अन्य रूप में हो सकती है। उन्होंने कहा कि सूचना पुलिस या इस तीन सदस्यीय टीम को चौबीसों घंटे उपलब्ध करवाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें एक प्रधान सचिव और एक पुलिस महानिरीक्षक शामिल थे, को घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों का दौरा करने भेजा था, लेकिन उन्हें घटना के बारे में कोई प्रमाण हासिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना जुटाने का दायरा बढ़ाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
घटनास्थल पर तथाकथित पीड़ितों के कपड़े, अंतर्वस्त्र बिखरे होने की खबरों पर ध्यान आकर्षित किए जाने पर डीजीपी ने कहा कि सोनीपत पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें एकत्रित कर लिया गया है और उनकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने मीडिया से जुड़े लोगों से भी पुलिस के साथ समय पर सूचना सांझा करने की अपील की ताकि दोषियों को पकड़ने में मदद मिल सके।
इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) पीके दास ने कहा कि राज्य सरकार इस तथाकथित घटना के बारे में पूरी तरह गंभीर है, इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से बिना किसी भय के सहयोग व सूचना प्रदान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले की पहचान को गुप्त रखा जाएगा। डीजीपी सिंघल ने इस बात का खंडन किया कि निचले स्तर के पुलिसकर्मी इस घटना को छुपाने का प्रयास कर रहे होंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या महिला आयोग अपने स्तर पर मामले की जांच करवा सकता है, सिंघल ने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि किसी वैधानिक निकाय को सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।
राज्य की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करने को कहे जाने पर सिंघल ने कहा कि राज्य में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। सभी रेल मार्ग और राजमार्ग खुले हैं और सेना की वापसी शनिवार से चरणबद्ध तरीके से शुरू हो जाएगी।
टोल फ्री नंबर 1800 180 2057 पर दें सूचना
प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस महानिदेशक ने बताया कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए सभी जिलों में अपने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को इस घटना के प्रमाण के तौर पर सूचना एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने भी सूचनाएं प्राप्त करने का निर्णय लिया है और यह सूचना टोल फ्री नंबर 1800-180-2057 और प्राधिकरण की वेबसाइट www.hslsa.nic.in पर दी जा सकती है। प्राधिकरण को यह सूचना अवकाश के दिन कार्यालय समय में भी दी जा सकती है।