बेटे को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर एनआरआई ने काम करने वाली से दुराचार किया। मामला पंजाब के रोपड़ का है। पीड़ित महिला ने मानवी अधिकार मंच के साथ प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सिटी थाना पुलिस ने धक्के से दस्तखत कराकर फैसला करा दिया है। वहीं डीएसपी का कहना है मामले की जांच की जा रही है।
पीड़ित महिला ने पत्रकारों को बताया कि वह शहर के एक एनआरआई के घर पर सफाई और उसकी बुजुर्ग मांकी देखभाल करती थी। महिला ने कहा कि 16 मार्च को जब वह एनआरआई के घर पर सुबह साढेट सात बजे के करीब काम करने के लिए गई थी। एनआरआई की मां के कमरे की वह सफाई कर रही थी।
इसी बीच एनआरआई दरवाजा बंद कर दिया और उसके साथ दुराचार किया। जब उसने शोर मचाना चाहा तो उसे एनआरआई ने घमकी दी कि वह उस पर व उसके बेटे के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा देगा। महिला ने कहा कि उसने इस सबंध में 181 नंबर पर भी शिकायत की थी। इसके बाद सिटी थाना के एएसआई इंदरपाल सिंह ने उसे थाने में बुलाया।
वहां पुलिस ने तीन पार्षदों की मौजूदगी में खाली कागजों पर दस्तखत करवाकर धक्के से फैसला करवा दिया। जब उसे थाने में बुलाया गया उस समय कोई महिला पुलिस कर्मी मौजूद नहीं थी। उधर इस सबंध में डीएसपी हरबीर सिंह अटवाल ने कहा कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा महिला का मेडिकल कराया जा रहा है।