पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रा के गैंग रेप केस में जीएमएसएच-16 भी हरकत में आ गया है।
छात्रा का मेडिकल देरी से करने के मामले में जीएमएसएच-16 के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जी दीवान ने सोमवार को गायनी के हेड ऑफ डिपार्टमेंट से इसकी जांच करने के आदेश दिए।
उन्होंने जांच रिपोर्ट दो दिन के अंदर देने को कहा है। पीड़िता के एडवोकेट ने मीडिया में बयान देकर बताया था कि पीड़िता नौ बजे अस्पताल पहुंच गई थी, लेकिन उसका मेडिकल रात तीन बजे हुआ।
यह मेडिकल गाइडलाइंस का उल्लंघन था जिसके मुताबिक पीड़िता का पहुंचते ही मेडिकल होना चाहिए। इसके अलावा सर्द मौसम होने के कारण छात्रा को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
डॉ. दीवान का कहना है कि यौन शोषण के मामले में उनका हास्पिटल काफी संवेदनशील है। यहां के डाक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को पहले से ही गाइडलाइंस के बारे में बताया जा चुका है और वे इसका पालन भी करते हैं।
इसके बावजूद यदि किसी ने लापरवाही बरती है तो कार्रवाई होगी।
अमर उजाला की खबर से लिया संज्ञान
उन्होंने यह भी कहा कि यदि देरी हो रही तो पुलिस को इस बारे में जानकारी देनी चाहिए थी।
उनकी तरफ से अस्पताल प्रशासन को कोई भी शिकायत नहीं दी गई। इस मामले में पीड़िता के वकील का भी बयान ही आया है।
एडवोकेट की ओर से भी कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अमर उजाला में प्रकाशित हुई खबर से ही इस मामले में संज्ञान लिया है।
अमर उजाला ने शनिवार को अपने अंक में इस मामले को काफी प्रमुखता से उठाया था।
जीएमएसएच-16 के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जी दीवान ने बताया कि दो दिन छुट्टी थी, इसलिए उन्हें सोमवार को ही इसकी जानकारी मिली। उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।