पुलिस गिरफ्त से सोपू नेता लारेंस बिश्नोई को भगाने के मुख्य आरोपी राणा करमनजीत सिंह को सोहाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पुलिस ने चंडीगढ़ के सेक्टर-61 स्थित निवास स्थान से काबू किया है। इसके बाद आरोपी को मंगलवार जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस को सोमवार रात को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने घर पर ही मौजूद है। इसके बाद पुलिस ने पूरी प्लानिंग से ट्रैप लगाया और रात में पहले से कुछ पुलिसकर्मियों ने उसके घर को पूरी तरह से घेरे में ले लिया। इसके बाद सिविल ड्रेस में पुलिस के जवान उसके घर गए और उसे काबू कर लिया।
बाद में पुलिस की टीमें आरोपी को सोहाना थाने ले आईं। जहां पर आरोपी से मामले में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कई अन्य राज भी सामने आएंगे।
कैसे भगाया था लारेंस को
पुलिस के मुताबिक 17 जनवरी को लारेंस बिश्नोई की किसी मामले में अबोहर अदालत में पेशी थी। रोपड़ पुलिस के चार जवान उसे कड़ी सुरक्षा में पेशी से वापस लेकर आ रहे थे। इसी बीच जब वे दैड़ी के पास पहुंचे तो लारेंस ने कहा कि उसे भूख लगी है। इसके बाद पुलिस कर्मी उसे खाना खिलाने के लिए एक ढाबे पर रुके। वहां पर उसके साथी पहले ही मौजूद थे। जो उसे पीबी-30 नंबर वाली अपनी कार में बैठाकर ले गए थे। इस दौरान एक पुलिस कर्मी भी घायल हो गया था।
चार पुलिस कर्मियों पर दर्ज हुआ था केस
रोपड़ पुलिस के एसएसपी की शिकायत पर उन चार पुलिस कर्मियों पर पर्चा दर्ज पर आईपीसी की धारा-223 व 224 के तहत सोहाना थाने में केस दर्ज किया गया था, जिनका सुरक्षा घेरकर कर आरोपी भागा था। इन मुलाजिमों में एएसआई हरकेश सिंह, हेड कांस्टेबल सुरिंदर कुमार, हरमिंदर सिंह और सुखविंदर सिंह शामिल हैं। इन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद इन्हें जमानत मिल गई थी।
पैरी और काली अभी भी फरार
पुलिस अब इस मामले के दो आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। इसमें इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी निवासी चंडीगढ़ और रविंदर सिंह उर्फ काली निवासी बलौंगी अभी फरार है। इन आरोपियों ने 23 जनवरी को बलौंगी में एटीएम लूटने की कोशिश भी की थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।