संत रामपाल के लिए चलाए गए ऑपरेशन अरेस्ट के दौरान जिन पांच लोगों की मौत हुई थी, वह पुलिस की मार से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी। इन पांच महिलाओं को सैकड़ों लोगों के साथ रामपाल की कोठी के साथ बने कमरे में बाबा के कहने पर रोका गया था। इस बात का खुलासा रविवार को कोर्ट में पेश किए गए रामपाल के खास राजदार राजकपूर उर्फ प्रीतम व राजेंद्र ने डिस्क्लोजर रिपोर्ट में किया है।
पुलिस की डिस्क्लोजर रिपोर्ट में दोनों ने रिमांड के दौरान बताया है कि जब पुलिस ने 19 नवंबर को ऑपरेशन शुरू किया तो रामपाल के आदेश पर आश्रम से बाहर निकलने की जिद करने वाले लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया था।
दम घुटने के कारण मरे हुए लोगों की जिम्मेवारी पुलिस पर डालने के लिए पांचों शव आश्रम के बाहर फेंक दिए गए। रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि देर रात उन्हें पांच लोगों की मौत के बारे में पता चला गया था। रातों रात उन्होंने शवों को आश्रम से निकाला और बाहर फेंक दिया।