कबीर जयंती के बहाने बरवाला की घटना की सच्चाई नामक पुस्तक व पंपलेट बांटने के मामले में पुलिस ने जेल में बंद रामपाल पर साजिश रचने के आरोप में एक और केस दर्ज कर लिया है।
भ्रामक प्रचार करने तथा राष्ट्रीय अखंडता की मर्यादा को तोड़ने के आरोप में रामपाल के दो समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए लोगों में एक गुजरात का सूरत निवासी सज्जन व दूसरा पलवल के झोलागढ़ निवासी भरत सिंह है। पुलिस ने दोनों को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार की कोर्ट में पेश किया।
पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लिए गए आरोपी
सिविल लाइन पुलिस ने गुजरात के सज्जन व भरत सिंह को एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस दोनों से किताब के प्रकाशव व मुद्रक के बारे में पूछताछ करेगी। इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं और कहां कहां के हैं उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
वीडियो ढूंढने में लगी पुलिस
पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र के सहारे वीडियो हासिल करने की कवायद शुरू कर दी है। पुलिस प्रयास कर रही है कि किसी के पास अगर किताब व पंपलेट बांटने वालों का फोटो मिल जाए तो उसकी पहचान करना आसान हो जाएगा।
साइकिल पर आया था बुक बांटने वाला
कबीर जयंती पर पुराने गवर्नमेंट कॉलेज में एकत्रित हुए रामपाल समर्थकों को खदेड़ने के बाद सिविल लाइन क्षेत्र में एकत्रित हुए भीड़ को बिना प्रकाशक व मुद्रक के छापी गई पुस्तक बांटी गई थी। पुस्तक बांटने वाला व्यक्ति साइकिल पर आया था। उसने थैले में सैकड़ों किताबें भर रखी थी। कुछ ही मिनटों में वह पुस्तक बांटकर वहां से फरार हो गया था।
वर्जन
पुलिस ने रामपाल पर साजिश रचने का केस दर्ज किया है। इसके अलावा दो समर्थकों को टाउन पार्क एरिया से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस प्रवक्ता चंद्रभान