पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को कनाडा के गैंगस्टर लखबीर सिंह उर्फ लंडा और पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर हरविंदर सिंह रिंदा द्वारा संयुक्त रूप से संचालित एक आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस आतंकी गठजोड़ के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। इनसे प्रतिबंधित हथियार भी मिले हैं।
पंजाब पुलिस के अनुसार लखबीर सिंह को हरविंदर सिंह का करीबी माना जाता है, जिसने बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के साथ हाथ मिलाया था और दोनों के आईएसआई के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। लखबीर सिंह ने बीते मई माह में मोहाली में पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी और अमृतसर में सब इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह की कार के नीचे एक आईईडी भी लगाया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जोगेवाल निवासी बलजीत सिंह मल्ही (25) और फिरोजपुर के बुह गुजरां गांव के गुरबख्श सिंह उर्फ गोरा संधू के रूप में हुई है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि अतिरिक्त महानिरीक्षक (काउंटर इंटेलिजेंस), जालंधर, नवजोत सिंह महल के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने दोनों को गिरफ्तार किया और एक एके-56 राइफल के साथ दो मैगजीन, 90 कारतूस और गोलियों के दो शेल जब्त किए। गुरबख्श सिंह की निशानदेही पर उसके गांव में बताए गए स्थान से हथगोले बरामद किए गए हैं।
यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बलजीत सिंह मल्ही इटली के हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी संघेरा के संपर्क में था और बाद के निर्देश पर मल्ही ने जुलाई 2022 में सूदान गांव के मखु-लोहियां रोड से हथियारों की एक खेप उठाई थी, जिसे उन्होंने खेतों में छिपा दिया था। यह भी पता चला है कि बलजीत सिंह कनाडा के लखबीर लंडा और अर्श दल्ला सहित खूंखार गैंगस्टरों के सीधे संपर्क में था।
आगे की जांच जारी है और जल्द ही और हथियारों की बरामदगी की उम्मीद है। इस बीच, अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई है।