उन्होंने बताया कि फॉर्च्यूनर, महिंद्रा स्कॉर्पियो और हुंडई वरना समेत तीन वाहन भी बरामद किए गए हैं, जो नशा तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। उन्होंने बताया सैमुअल जमशेदपुर में गैवी के साथ रह रहा था। वह गैवी की गिरफ्तारी से पहले दिल्ली फरार होने में सफल हो गया था। सैमुअल पाकिस्तान से लाई हेरोइन के वितरण का काम संभाल रहा था।
भारत-पाक सरहद पर है एक तस्करी ढांचा
डीजीपी ने बताया कि जांच के दौरान गैवी ने खुलासा किया कि उसने पिछले ढाई वर्षों में पाकिस्तान से कई हथियारों समेत 500 किलो से अधिक हेरोइन की तस्करी की है। इन हथियारों और हेरोइन की सप्लाई पंजाब, दिल्ली और जम्मू-कशमीर में की जाती थी। भारत-पाक सरहद पर एक तस्करी ढांचा मौजूद है, जिसके जरिये बहुत से पाकिस्तानी तस्कर भारत में हथियार और नशा तस्करी करते हैं।
गैवी हवाला रूट या फिर नई दिल्ली स्थित आयात-निर्यात कंपनियों के जरिये भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान स्थित व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ बड़ी संख्या में वित्तीय लेन-देन भी करता था, जिसकी जांच की जा रही है।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि गैवी ने कबूला है कि उसने एक ट्रैवल एजेंट से फर्जी विवरणों के साथ जाली भारतीय पासपोर्ट हासिल किया था और वह पुर्तगाल भागने की योजना बना रहा था।
डीजीपी ने कहा कि गैवी के बैंक खातों और जायदाद की पहचान कर ली गई है। यह जानकारी अगली संबंधित एजेंसियों से साझा की जा चुकी है। गैंगस्टर गैवी के अन्य साथियों की भी पहचान की गई है।