तरनतारन के गांव पूहला में सोमवार को मुठभेड़ के दौरान गैंगस्टर ने एएसआई को गोली मारकर जख्मी कर दिया। एएसआई मलकीत सिंह ने इसके बावजूद हिम्मत दिखाते हुए गैंगस्टर रछपाल सिंह को धर दबोचा। हालांकि उसका साथी मौके से भागने में कामयाब हो गया। रछपाल की हत्या और तस्करी के मामलों में पांच जिलों की पुलिस को तलाश थी।
एसएसपी धर्मन निंबले ने बताया कि पुलिस पार्टी को सूचना मिली थी कि वांछित गैंगस्टर रछपाल गांव पूहला में छिपा है। इस पर थाना भीखीविंड के एएसआई मलकीत सिंह पुलिस पार्टी के साथ गांव पहुंचे और छापे मारने शुरू किए। गैंगस्टर को इसकी भनक लग गई। उसने अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर भागने की कोशिश की। जब पुलिस पार्टी ने उसे घेर लिया तो रछपाल ने गोलियां चलानी शुरू कर दी।
एक गोली एएसआई मलकीत सिंह के पैर में लगी। मलकीत ने घायल अवस्था में ही रछपाल को पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से एक पिस्तौल और दो मैगजीन बरामद हुई हैं। थाना भीखीविंड की पुलिस ने दोनों आरोपियों पर इरादा-ए-कत्ल का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। घायल एएसआई को भीखीविंड के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
गैंगस्टर से एक देसी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 2 मैगजीन, 6 कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद किया गया। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि भूचड़ कलां जिला तरनतारन का रहने वाला रशपाल उर्फ दोला कई मामलों में वांछित है। उसके आतंकवादियों के साथ भी संबंध हैं। उस पर एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट की अलग-अलग धाराओं में अमृतसर, तरनतारन और मोहाली में आठ एफआईआर दर्ज हैं।
एएसआई पर चार गोलियां चलाईं
डीजीपी के अनुसार, एएसआई मलकीत सिंह भिखीविंड में तैनात होमगार्ड जवान रणजीत सिंह के साथ सोमवार को गांव पूहला में मोटरसाइकल चोरी की शिकायत की जांच करने गए थे। वापस आते समय उन्होंने दो संदिग्धों को एक मोटरसाइकल पर आते देखा और पूछताछ के लिए रोका। इस पर दोनों वहां से भागने लगे। इस दौरान एक आरोपी रशपाल ने एएसआई पर चार गोलियां चलाईं जिनमें से एक गोली उनकी दाहिनी टांग में लगी।
जख्मी होने के बावजूद एएसआई ने रणजीत सिंह की मदद से संदिग्ध को दबोच लिया और उससे सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल छीन ली। उसका दूसरा साथी भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने दोनों पर इरादा-ए-कत्ल का केस दर्ज कर दूसरे आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। मलकीत सिंह को अच्छे सेवा रिकार्ड के चलते 27 फरवरी, 2020 को एएसआई का लोकल रैंक दिया गया है।