फैसले को नहीं मानने पर राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ ने सख्ती दिखाई है। उपभोक्ता आयोग ने शालीमार एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी आरके अग्रवाल और डायरेक्टर कमलेश अग्रवाल को दो-दो वर्ष जेल और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह आदेश उपभोक्ता आयोग चंडीगढ़ के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) शामसुंदर ने दिया है।
शिकायतकर्ता विमल गुप्ता निवासी सेक्टर आठ पंचकूला ने इस संबंध में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने उक्त बिल्डर से फ्लैट के लिए आवेदन किया था। उन्होंने 23 लाख 30 हजार रुपये जमा कराए, लेकिन तय समय पर उन्हें फ्लैट का फिजिकल पजेशन नहीं दिया गया।
उपभोक्ता आयोग ने सुनवाई के बाद निर्देश दिया था कि शालीमार एस्टेट्स शिकायतकर्ता को 23 लाख 30 हजार रुपये 15 प्रतिशत वार्षिक की दर से वापस करे। साथ ही एक लाख रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी दे। बिल्डर ने राज्य उपभोक्ता आयोग के फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में अपील की।
नेशनल कमीशन ने भी बिल्डर को कहा कि वह शिकायतकर्ता को पैसे वापस करे, लेकिन शालीमार एस्टेट्स ने फैसले का पालन नहीं किया। बिल्डर ने शिकायतकर्ता को कुछ चेक दिए, जिसे समय-समय पर बैंक में लगाने को कहा। चेक बाउंस हो गया।
चेक बाउंस होने पर शिकायतकर्ता ने राज्य उपभोक्ता आयोग में आवेदन किया। उनके आवेदन पर उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर को पैसे लोटाने के लिए कई बार समय दिया, लेकिन आदेश का पालन लागू नहीं होने पर गैर जमानती वारंट निकाला गया।