मोहाली से बलौंगी जा रही सड़क पर पीसीएल चौक पर जाम
लंबे समय से अपने पैसों के लिए संघर्ष कर रहे पर्ल ग्रुप के निवेशकों ने शुक्रवार को पहले आईवी अस्पताल का घेराव किया।
लेकिन जब बात सिरे नहीं चढ़ी तो उन्होंने मोहाली से बलौंगी जा रही सड़क पर पीसीएल चौक पर जाम पर लगा दिया। इससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई।
आनन-फानन में पुलिस ने डायवर्ट कर ट्रैफिक को सुचारू किया। इसके बाद काफी समय तक पुलिस वाले निवेशकों को मनाने में जुटे रहे, लेकिन जब बात नहीं बनी तो पर्चा दर्ज करने की भी चेतावनी दी, लेकिन निवेशकों ने एक भी नहीं सुनी। मौके पर एसपीडी जीएस गरेवाल समेत पुलिस के कई अधिकारी व फोर्स पहुंची। इस दौरान निवेशकों ने एडीसी को मांग पत्र सौंपा। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
जानकारी के मुताबिक, निवेशकों को जैसे ही पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू को अस्पताल में भर्ती करवाने की सूचना मिली। इसके बाद विभिन्न राज्यों के निवेशक आईवी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल के दोनों गेट को बंद कर दिया। साथ ही जमकर नारेबाजी की। वह भंगू से उन्हें मिलवाने की मांग पर अड़ गए। साथ ही उनकी रकम वापस दिलाई जाए। यह प्रदर्शन इंसाफ की आवाज ऑर्गेनाइजेशन के प्रधान महिंदर पाल दानगढ़ की अगुवाई में किया गया।
इस दौरान निवेशकों ने आरोप लगाया कि राज्य व केंद्र सरकार पर्ल ग्रुप के मालिक को बचाने में लगी हुई है। निवेशकों ने बताया कि पर्ल कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। सेबी ने कोर्ट में कहा है कि पर्ल कंपनी निवेशकों को पैसे वापस करने में सहयोग नहीं दे रही है। दूसरी तरफ भंगू सरकारी सरप्रस्ती हासिल कर आराम फरमा रहा है। उन्होंने मांग की है कि जिस तरह बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शारदा चिट फंड घोटाले में कंपनी की प्रॉपर्टी जब्त कर राज्य के निवेशकों को पैसा वापस करके इंसाफ दिया है। पंजाब सरकार भी विधानसभा में प्रस्ताव पास कर प्रदेश में कंपनी की संपत्ति को जब्त कर निवेशकों को पैसे वापस करे।