मृतक के भाई ने बयान दिया है कि उसका भाई किसान आंदोलन से जुड़ा हुआ था। अब किसानों की हालत को लेकर परेशान था। इस कारण उसने जहर निगलकर जान दे दी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है। वायरल वीडियो की कोई सूचना नहीं है। - राहुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक।
वायरल वीडियो में कहा- जब तक तीन कृषि कानून वापस नहीं, तब तक घर वापसी नहीं
रैनकपुरा निवासी 40 वर्षीय मुकेश डागर की मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जो काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो में मुकेश कह रहा है कि, राम-राम भाइयो, मैं मुकेश डागर रोहतक से। मेरा मन बहुत विचलित है आज। किसान भाइयो चार माह से ऊपर हो गया, आपको यहां बैठे हुए।
माननीय ...से कोई भी उम्मीद नहीं है। उनको अपनी वोट की राजनीति से ज्यादा फुर्सत नहीं है। वे चाहते हैं किसान यहीं पर बैठे रहें। आज मैं अपनी शहादत देने जा रहा हूं। मेरी मौत का कारण सिर्फ (एक बड़े नेता का नाम लिया) हैं। मैं दीपेंद्र हुड्डा, बलराज कुंडू का भी दिल से धन्यवाद करता हूं। अभय चौटाला व सोमबीर सांगवान जी आपका भी धन्यवाद।
अपने पद को छोड़ना कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। तो भाइयो आज आखिरी बार मिलते हैं। यह बात जरूर कहना चाहूंगा। (बड़े नेता को संबोधित करते हुए) राज तो आनी-जानी चीज होती हैं। ऊपर न तो कोई मंत्री होता और न कोई संतरी होता। वहां पर बैठकर बातें करेंगे। एक-एक चीज का हिसाब लिया जाएगा। मेरी माताओं-बहनों से भी प्रार्थना है कि ऐसे ही अपने मोर्चों पर डटे रहना। जब तक बिल वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं। धन्यवाद