पंजाब के फिरोजपुर सेंट्रल जेल के भीतर एक कैदी ने परने से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। कैदी एनडीपीएस एक्ट के आरोप में जेल में बंद था और 19 मई को अदालत ने इसे दस साल की सजा सुनाई थी।
पुलिस के मुताबिक कैदी गुरप्रीत सिंह (22) पुत्र जगदीश सिंह वासी गांव राइयां जिला फरीदकोट एक हजार नशे की गोलियों के साथ पकड़ा गया था।
यह खुद भी नशे का आदी है। जेल के अंदर बने नशा मुक्ति सेंटर की बैरक में गुरप्रीत बंद था। 19 मई को अदालत ने गुरप्रीत को दस साल की सजा सुनाई थी। 22 मई की रात को गुरप्रीत ने अपने परने से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
उधर, जेल सुपरिंटेंडेंट सुरेंदर सिंह सैनी ने बताया कि 22 मई की रात को सभी कैदी टेलीविजन देख रहे थे। रात लगभग दस बजे के गुरप्रीत सबके बीच से उठकर बैरक के बाहर चला गया। कुछ देर बाद एक कैदी ने देखा कि बैरक के कॉरिडोर में गुरप्रीत परने का फंदा लगाकर लटका हुआ था। उसने शोर मचाया तो सभी उठ कर उस और भागे। जेल मुलाजिम भी वहां पहुंच गए। उसे उतार कर अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।