बुड़ैल जेल में बंद कैदी को पीटने के मामले की सुनवाई करते हुए सेशन कोर्ट ने आईजी जेल को तीन हफ्तों में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान यूटी पुलिस विभाग को यह आदेश दिए गए हैं।
हालांकि कै दी की ओर से उसके मेडिकल करवाने की अर्जी पर कोर्ट ने कोई आदेश जारी नहीं किए। इससे पहले नाजर की शिकायत पर जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने अपनी रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों द्वारा नाजर की पिटाई के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे कैदियों में हुई आपस की मारपीट बताया था।
पीड़ित कैदी ने अपनी शिकायत में एसआई दीप कुमार, हवलदार हेड वार्डर धर्मपाल व एचडब्ल्यू अवतार सिंह पर जेल की डिस्पेंसरी में पिटाई करने व हफ्ता मांगने का आरोप लगाया था। कैदी नाजर खान बुड़ैल जेल में सेक्टर-22 के दुकानदार की लूट के इरादे से हत्या के आरोप में बंद है।
डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने मारपीट मामले को लेकर एडिशनल सेशन जज आरके जैन को एक रिपोर्ट भी बनाकर दी थी। इसमें जेल में ही बंद दूसरे कैदी कुनाल अरोड़ा के बयानों का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया कि नाजर ने उससे मारपीट की थी।
पुलिस की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि इससे पहले भी नाजर ने आत्महत्या की कोशिश की थी, जिसे लेकर उसके खिलाफ सेक्टर 34 थाने में केस दर्ज किया गया था।
वहीं डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की रिपोर्ट में नाजर सिंह के जेल में बर्ताव को भी ठीक नहीं बताया गया है। उसके बैरक से रुपये व नशीला पदार्थ भी बरामद होने की बात रिपोर्ट में कही गई थी।
गौरतलब है कि नाजर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज एक हत्या केस में भी एडिशनल सेशन जज आरके जैन की कोर्ट में फैसला आ सकता है। शनिवार को इस केस की सुनवाई थी जिसके बाद कोर्ट ने 23 मार्च की तारीख तय की है।
सेक्टर-17 थाना पुलिस ने 2012 में नाजर समेत राकेश व संचित वर्मा के खिलाफ हत्या व आपराधिक साजिश रचने का केस दर्ज किया था। 26 जुलाई, 2012 को दुकानदार कैलाश चंद की गोली मार हत्या कर दी गई थी। वहीं घटना में उनके भाई गंभीर रुप से घायल हुए थे।