लिंग जांच में अपनी साली को मदद करने का खामियाजा जीजा को भुगतना पड़ा। घटना हरियाणा के डबवाली(सिरसा) की है। दरअसल एक महिला दो बेटियों के बाद बेटा पैदा करना चाहती थी। इसके लिए उसने अपने जीजा तथा झोलाछाप के साथ मिलकर अपने घर से करीब 120 किलोमीटर दूर डबवाली के एक गांव में लिंग जांच करवाने पहुंची।
इस महिला की पहचान होने पर सीआईए ने गांव मौजगढ़ के झोलाछाप सहित उसके जीजा को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को दोनों को न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) कपिल राठी की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
31 दिसंबर 2014 को गांव मांगेआना में पकड़े जाने से पूर्व मोगा निवासी जितेंद्र शर्मा तथा घुकांवाली निवासी जगदीश ने गांव अलीकां में दो महिलाओं की लिंग जांच की थी। पुलिस ने बरनाला (पंजाब) निवासी अमनदीप कौर की पहचान करते हुए उसकी लिंग जांच करवाने के आरोप में उसके जीजा गांव मौजगढ़ निवासी गुरजीत सिंह उर्फ लाली को गिरफ्तार किया है।
गुरजीत सिंह ने पड़ोसी झोलाछाप हेमराज के जरिए अपनी साली अमनदीप कौर की कोख में पल रहे शिशु की जांच करवाई थी। लिंग जांच के बदले गुरजीत सिंह से 16 हजार रुपये लिए गए थे। जिसमें से दो हजार रुपये झोलाछाप ने ग्राहक देने की एवज में बटोरे थे। पुलिस ने हेमराज को भी गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपी गुरजीत सिंह ने बताया कि अमनदीप कौर की दो बेटियां हैं। वह तीसरी औलाद के रूप में बेटी को जन्म नहीं देना चाहती थी। हेमराज ने 31 दिसंबर 2014 को सुबह उन्हें गांव अलीकां में एक घर में बुलाया। वहां एक मशीन के जरिये अमनदीप कौर की जांच की। जांच रिपोर्ट में तीसरा बच्चा भी बेटी आया।
जमानत के लिए आए खाली हाथ लौटे
सीआईए प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि जगदीश, जितेंद्र शर्मा बगैरा ने जांच रिपोर्ट में अमनदीप कौर की कोख में बेटी होने की रिपोर्ट दी थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने गर्भपात नहीं करवाया। महिला की मेडिकल जांच करवाई गई है। वह गर्भवती है। अदालत के समक्ष दफा 164 सीआरपीसी के तहत उसके बयान कलमबद्ध करवाए गए हैं।
गांव अलीकां में स्थित जिस घर में 31 दिसंबर 2014 को अमनदीप कौर की लिंग जांच की गई थी, सीआईए डबवाली ने उसकी पहचान कर ली है। सीआईए प्रभारी ने बताया कि घर के मालिक को भी गिरफ्तार किया जाएगा। साथ में लिंग जांच करवाने वाली दूसरी महिला की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पहचान होते ही उसके परिजनों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। राकेश कुमार ने बताया कि झोलाछाप ग्राहक के साथ-साथ लिंग जांच में जगह भी उपलब्ध करवाते थे।
इस बात का खुलासा आरोपी जितेंद्र तथा जगदीश कर चुके हैं। गांव अलीकां में सामने आए मामले से इसकी पुष्टि भी हो गई है। लिंग जांच के लिए जगह मुहैया करवाने वाले मकान मालिक को भी सलाखों के पीछे धकेला जाएगा। सीआईए डबवाली प्रभारी के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपियों को बुधवार को न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) कपिल राठी की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
लिंग जांच में पकड़े गए आरोपियों की संख्या 12 तक पहुंच गई है। सभी आरोपी जिला सिरसा जेल में बंद है। लाख कोशिशों के बावजूद किसी को जमानत नसीब नहीं हुई। बुधवार को हेमराज तथा गुरजीत सिंह की जमानत के लिए भी काफी प्रयास हुए। दोनों पक्षों के वकीलों में काफी देर तक जिरह हुई।
अदालत ने आरोपियों को जमानत पर छोड़ने से इंकार कर दिया। अदालत के फैसले के बाद जमानतियों को मायूस होकर लौटना पड़ा। आरोपियों की जमानत देने के लिए क्षेत्र की नामी-गिरामी हस्तियां कतार में थी।