डेरा सच्चा सौदा सिरसा में कथित तौर पर साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में सीबीआई जांच के एकल बेंच के फैसले को संत गुरमीत राम रहीम सिंह ने अपील के माध्यम से पंजाब-हरियाणा चुनौती दी है।
इस अपील पर एक्टिंग चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार और जस्टिस एजी मसीह की डिवीजन बेंच बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगी। राम रहीम ने अपील में कहा है कि यदि कोई मर्जी से नपुंसक बनता है तो यह मानवाधिकार का हनन नहीं है। इसके अलावा हंसराज चौहान ने यह मामला 14 वर्ष बाद उठाया, वह भी सीधे हाईकोर्ट में।
इससे पहले पुलिस से कोई शिकायत नहीं की गई। यह भी कहा गया है कि जिस वक्त चौहान नपुंसक बनाए जाने का दावा कर रहा है, उस वक्त वह वयस्क था। ऐसे में यह उसकी मर्जी में ही हुआ। अपील में मांग की गई है कि एकल बेंच का फैसला निरस्त किया जाए और अपील की सुनवाई तक फैसले पर रोक लगाई जाए।
उल्लेखनीय है कि जस्टिस के कानन की एकल बेंच ने हंसराज चौहान की याचिका को गंभीरता से लेते हुए मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। यह भी कहा था कि राज्य सरकार इस मामले की जांच नहीं कर सकी है, जबकि इस संबंधी आदेश भी दिया गया था।
हाईकोर्ट को सौंपी जांच रिपोर्ट की कॉपी
डेरा सच्चा सौदा में साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में सीबाआई ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा के खिलाफ बुधवार को केस दर्ज कर लिया। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने डेरा प्रमुख पर धारा 120बी/417/326/506 के तहत कार्रवाई की है।
जांच की जिम्मेदारी सीबीआई की एसआईसी टू टीम को सौंपी गई है। एफआईआर दर्ज होने के साथ ही सीबीआई की टीम वीरवार को जांच के सिलसिले में डेरा सच्चा सौदा में दस्तक देगी।
डेरा में 400 साधुओं को नपुंसक बनाने को लेकर स्थानीय पुलिस द्वारा 17 दिसंबर 2014 हाईकोर्ट को सौंपी जांच रिपोर्ट की कॉपी सीबीआई ने सदर थाना प्रभारी अनिल कुंडू से प्राप्त कर ली है। सदर थाना प्रभारी अनिल कुंडू ने बताया कि सीबीआई टीम जांच में सहयोग मांगेगी तो पूरा सहयोग उन्हें मिलेगा।
सीबीआई टीम द्वारा थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाना अनिवार्य नहीं होता। उन्होंने इस मामले को लेकर की गई सारी जांच रिपोर्ट सीबीआई के हवाले कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई को दो माह के अंदर जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौपनी है जिसके चलते सीबीआई के अधिकारी वीरवार को डेरा सच्चा सौदा में आ सकते हैं।
जवाब से असंतुष्ट न्यायाधीश ने तल्ख टिप्पणियां कीं
गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह पर साध्वियों की सुरक्षा के लिए साधुओं को नपुंसक बनवाने का आरोप लगा। इस बात का खुलासा डेरा के ही एक पूर्व साधु हंसराज चौहान ने किया। जिसका दावा है कि उसे भी डेरा के ही अस्पताल में ऑपरेशन करके नपुंसक बना दिया गया।
हंसराज चौहान ने 17 जुलाई 2012 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा डेरा प्रमुख द्वारा उन जैसे करीब 400 युवाओं को ‘भगवान के दर्शन’ के नाम पर नपुंसक बनाया गया है। उन्होंने 166 लोगों की नाम सहित सूची भी सार्वजनिक की है। हाईकोर्ट के आदेश पर शिकायतकर्ता हंसराज का चिकित्सीय परीक्षण भी हो चुका है जिसमें उसके नपुंसक होने की पुष्टि हुई थी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जस्टिस के. कानन ने प्रदेश सरकार को जांच के आदेश दिए थे। सरकार को जांच के लिए एक माह का समय दिया गया था। 17 दिसंबर 2014 को सरकार ने जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी। सरकार के जवाब से असंतुष्ट न्यायाधीश ने कड़ी फटकार लगाते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं और 23 दिसंबर 2014 को इस मामले में की भी सीबीआई कौ सौंप दी।