पंजाब पुलिस प्रमुख सुमेध सिंह सैनी के नशे की तस्करी रोकने के लिए जारी सख्त हिदायतों के बाद शुक्रवार देर रात गांव दौलेवाला को चार जिलों की पुलिस ने घेर लिया और घर-घर की तलाशी ली।
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फिरोजपुर रेंज के डीआईजी अमर सिंह चाहल और जिला पुलिस प्रमुख एस भूपथी की निगरानी में फरीदकोट, फिरोजपुर, बरनाला और मोगा पुलिस के करीब चार सौ से अधिक मुलाजिमों ने रात करीब 2 बजे गांव की घेराबंदी की।
इससे पहले गांव की चौकी के सभी पुलिस कर्मियों के अलावा चारों जिलों के पुलिस वालों को मोगा पुलिस लाइन में इकट्ठा किया गया। वहां सभी के मोबाइल बंद करवा दिए गए और साथ ही किसी को भी फोन न करने और न सुनने की हिदायत दी गई। इसके बाद पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया।
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अकाली नेता से दो घंटे पूछताछ की
इस दौरान नशा तस्करी के शक में एक संस्था के प्रमुख और अकाली नेता से थाना कोट ईसेखां में 2 घंटे अधिकारियों ने पूछताछ भी की। गांव के बाकी पुरुषों और महिलाओं को थाना फतेहगढ़ पंजतूर में ले जाकर पूछताछ की गई, जो देर शाम तक जारी रही।
पुलिस ने छह महिलाओं और पांच पुरुषों को नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है, वहीं कई लोगों के खिलाफ मुखबरी के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
एसएसपी एस भूपथी ने बताया कि इस छापे के दौरान पुलिस को सौ ग्राम हेरोइन, 15 बाइक, दो स्कार्पियो, एक फार्च्यूनर और पांच लाख 48 हजार का कैश मिला है, जिन्हें जब्त कर लिया गया।
काफी दिनों से मिल रही थी शिकायतें
डीआईजी अमर सिंह चाहल ने बताया कि गांव दौलेवाला के बारे में काफी दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि इस मुहिम के अंतर्गत कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
उन्होंने बताया कि गांव में से चौकी खत्म कर दी गई और अब चौकी की जरूरत भी नहीं रही। इस दौरान गिरफ्तार महिलाओं ने कहा कि उनके पति नशेड़ी होने के कारण और कमाई का कोई साधन न होने के कारण उन्होंने यह धंधा अपनाया है।
एक महिला ने बताया कि एक हेरोइन तस्कर को कुछ दिन पहले तरनतारन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया तो अब उसकी मां यह धंधा चला रही है।
मिनी चंडीगढ़ के नाम से भी जाना जाता है दौलेवाला
गांव दौलेवाला को मिनी चंडीगढ़ भी कहा जाता है। चंडीगढ़ से महंगी कारों में नौजवान लड़के लड़कियां नशे की पूर्ति के लिए यहां आते हैं। इस गांव के 80 प्रतिशत लोग नशे का कारोबार करते हैं।
औसतन हर घर के लोगों के खिलाफ तस्करी का केस दर्ज है और सैकड़ों पुरुष-महिलाएं जेलों में हैं। गांव में ज्यादातर लोग राय सिख बिरादरी के हैं। गांव में खंडहर मस्जिद नशे के टीके लाने का अड्डा है।
इस गांव के लोग पहले शराब-भुक्की और अब स्मैक-हेरोइन का धंधा कर रहे हैं और इन का राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश तक नेटवर्क है।
गांव के पूर्व सरपंच रनजीत सिंह भोला ने कहा कि तस्करी के कारण गांव के माथे पर कलंक लग गया है। गांव की बुरी आर्थिकता ने लोगों को तस्करी में धकेला है।
उन्होंने कहा कि पुलिस पहले सख्ती करती तो आज गांव का यह हाल न होता। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई छोटे तस्करों तक ही सीमित रहती थी। गांव के लोगों को नशे की दलदल से निकालने के लिए कभी भी किसी राजनीतिक पार्टी ने कोई प्रयास नहीं किया।