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45 लाख की मांगी रंगदारी: 'नहीं दिया तो टिम्मी चावला जैसा होगा हश्र', अब मां-बेटा और दामाद को पुलिस ने दबोचा

Tue, 03 Jan 2023 01:50 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

आरोपी फोन करके संजीव को धमकाते थे कि वह टिम्मी चावला का हाल देख लें क्या हुआ। अगर पैसे न दिए तो उनका भी वही हश्र करेंगे। एसपी सरबजीत सिंह बाहिया ने कहा कि हालांकि इस गिरोह का टिम्मी चावला को मारने वाले गिरोह से कोई संबंध नहीं है। फिरौती मांगने की पूरी कहानी अमन ने गढ़ी थी जो नकोदर में एक सैलून में काम करता है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जालंधर देहात की क्राइम ब्रांच ने व्यापारी टिम्मी चावला जैसा हश्र करने की धमकी देकर नकोदर के ज्वेलर से 45 लाख की रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इनका चौथा साथी फरार है। पकड़े गए तीन आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। ज्वेलर से 45 लाख की फिरौती मांगने वाले आरोपियों ने धमकी दी थी कि रुपये न देने पर सुनार समेत उसके सारे परिवार को जान से मार देंगे। 

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एसपी (इन्वेस्टिगेशन) सर्वजीत सिंह बाहिया ने बताया कि नकोदर में ज्वेलर से रंगदारी मांगने की शिकायत आई थी। इसे लेकर क्राइम ब्रांच की टीम का गठन किया गया। सब इंस्पेक्टर पुष्प बाली को मुखबिर से फिरौती मांगने वाले गिरोह के बारे में पता चला। इसके बाद राहुल उर्फ अमन निवासी आवा मोहल्ला नकोदर और उसकी मां सुखविंदर कौर को जालंधर में कमल अस्पताल के पास गिरफ्तार किया गया। 

पूछताछ के बाद पुलिस गिरोह के तीसरे आरोपी और सुखविंदर कौर के दामाद सिमरनजीत सिंह उर्फ सन्नी निवासी मोहल्ला मल्लियां ( फिरोजपुर) तक पहुंची। अभी चौथा आरोपी जसकीरत सिंह उर्फ जसकरन उर्फ जस्सा निवासी मोहल्ला ढेरियां शाहकोट, जालंधर फरार है। आरोपी फर्जी नाम से लिए गए सिम से और एक विदेशी नंबर से नकोदर के ज्वेलर संजीव को फोन करते थे। 
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आरोपी फोन करके संजीव को धमकाते थे कि वह टिम्मी चावला का हाल देख लें क्या हुआ। अगर पैसे न दिए तो उनका भी वही हश्र करेंगे। एसपी सरबजीत सिंह बाहिया ने कहा कि हालांकि इस गिरोह का टिम्मी चावला को मारने वाले गिरोह से कोई संबंध नहीं है। फिरौती मांगने की पूरी कहानी अमन ने गढ़ी थी जो नकोदर में एक सैलून में काम करता है। जिस बिल्डिंग में सैलून है, वह संजीव की है। इसके अलावा शहर में और भी संजीव की इमारतें हैं, जिनसे उन्हें मोटा किराया आता है। इसकी जानकारी अमन को थी। 

अमन जानता था कि संजीव डरपोक स्वभाव वाला है, जिसका फायदा उठाने के लिए अमन ने अपनी मां के साथ मिलकर फिरौती की सारी पटकथा लिखी। मां ने जाली दस्तावेजों पर सिम लिया। इसे बाद कॉलिंग की जिम्मेदारी जस्सा को सौंपी। अगर आरोपियों का प्लान सफल होता तो अमन उसकी मां और जमाई को 20 लाख, जबकि जस्सा को 25 लाख रुपये मिलने थे जो डील में तय हुआ था। जस्सा पुलिस गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश जारी है।

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