आरोपी ने घर का सामान लूटा और फरार होने लगा। मेघा ने आरोपी को देख लिया, विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और मोबाइल चार्जर की तार से ही उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया। कोरोना काल में आया था पैरोल पर, सोमवार को ही जाना था वापस पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी ने वर्ष 2003 में मोहल्ला शास्त्री नगर में पूनम नाम की महिला के घर में घुसकर लूट की नीयत से उसकी और उनके नौकर छोटू की हत्या कर दी थी। आरोपी उनके घर भी पेंट करने ही गया था। उस हत्या मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा हुई थी।
कोरोना काल में आरोपी पैरोल पर बाहर आया था। 17 मई को उसे जेल वापस जाना था। आरोपी अपनी जमानत के पैसे इकट्ठा कर रहा था। उसने करीब छह महीने पहले मेघा के घर के पास रहने वाली महिला के घर पेंट का काम किया था, जिस कारण मेघा को आरोपी के बारे में पता था।
करण को भी पेंट के बारे में मेघा ने नहीं बतायामेघा ने घर में दीवार का कुछ हिस्सा पेंट करवाना था। उसने करण से भी इस बारे में बात नहीं की थी। उसने सीधे ही पड़ोसी के घर काम करने वाले आरोपी मोहन सिंह को पेंट के लिए बुला लिया और डेढ़ सौ रुपये में बात कर पेंट करने के लिए बोल दिया।
जब पुलिस जांच करने पहुंची तो पेंट करने वाले के बारे में करण से पूछा तो करण ने कहा कि उसने पेंट नहीं करवाया है। इसके बाद पुलिस जांच में सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए और उसके बाद आरोपी की पहचान की गई। पुलिस ने आरोपी को जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने मेघा का पर्स, लूटी हुई नकदी में से पांच हजार रुपये की नकदी और अन्य सामान बरामद किया है, पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है।