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फतेहगढ़ साहिब: ग्राम पंचायत के फंड में 20.67 लाख का घपला, पंचायत सचिव काबू

Thu, 26 May 2022 08:22 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)

सार

विजिलेंस की रिपोर्ट के अनुसार विकास के कार्यों को करवाने से पहले उसकी तकनीकी मंजूरी लेनी जरूरी थी लेकिन लुकेश और पवित्र ने रणजोध के साथ मिलीभगत करके तकनीकी मंजूरी नहीं ली।
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आरोपी पंचायत सचिव को गिरफ्तार कर ले जाती विजिलेंस टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने फतेहगढ़ साहिब के गांव कोटला सुलेमान के पूर्व सरपंच तरलोचन सिंह, पंच रणजोध सिंह, बीडीपीओ दफ्तर फतेहगढ़ साहिब के दो जेई ललित गोयल व लुकेश समेत पंचायत सचिव पवित्र सिंह पर केस दर्ज किया है। इन सभी पर ग्राम पंचायत के फंड में 20.67 लाख रुपये का घपला करने और पंचायत की 2.86 करोड़ रुपये के हिसाब वाली माप पुस्तक खुर्द-बुर्द करने का आरोप है। इनमें से गुरुवार को पंचायत सचिव पवित्र सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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कार्रवाई करने आई पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके सभी की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत नंबर 65/2019 फतेहगढ़ साहिब की जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत गांव कोटला सुलेमान का पहले सरपंच त्रिलोचन सिंह था। उसके कार्यकाल के दौरान गांव की पंचायती जमीन को रेलवे ने एक्वायर करने के बाद करीब 4.18 करोड़ और अन्य साधनों से कुल चार करोड़ 20 लाख 25 हजार रुपये मिले थे। इसमें से त्रिलोचन सिंह ने 2 करोड़ 86 लाख 25 हजार रुपये गांव में विकास पर खर्च किए और बाकी पंचायती खाते में छोड़े गए थे। यह राशि पंच रणजोध सिंह ने विकास के नाम पर खर्च होती दिखाई है जबकि रणजोध सिंह के कार्यकाल के दौरान गांव में करवाए गए कार्य की विजिलेंस ने जांच की थी। इसमें रणजोध, लुकेश व पवित्र सिंह ने 20,67,068 रुपये घपला करने की बात सामने आई।
 
विजिलेंस की रिपोर्ट के अनुसार विकास के कार्यों को करवाने से पहले उसकी तकनीकी मंजूरी लेनी जरूरी थी लेकिन लुकेश और पवित्र ने रणजोध के साथ मिलीभगत करके तकनीकी मंजूरी नहीं ली। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पूर्व सरपंच त्रिलोचन सिंह के साथ काफी समय से तैनात रहे ललित गोयल जेई से माप पुस्तक (एमबी) की मांग की गई तो उसने माप पुस्तक नहीं दी। इससे साफ होता है कि ललित ने त्रिलोचन सिंह के कार्यकाल के दौरान करवाए कार्यों से संबंधित माप पुस्तक को खराब किया है। ऐसा करके आरोपियों ने 20.67 लाख रुपये का घपला किया है।

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