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दर्दनाक हादसे में मां-बेटे की मौत, बच्चे को गोद में लेकर जा रही थी महिला

Sat, 31 Dec 2016 02:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत
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बस ने मां-बेटे को कुचला - फोटो : अमर उजाला
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गांव पसीना कला मोड़ के पास तेज रफ्तार स्कूली बस के कुचलने से पैदल जा रहे मां-बेटा की मौत हो गई। आक्रोशित भीड़ ने हादसे के बाद बस को फूंक दिया और जमकर हंगामा काटा। 
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गनीमत रही कि उस वक्त बस में कोई भी विद्यार्थी नहीं था। थाना सदर पुलिस भारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत किया। चालक हादसे के बाद बस को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।

दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने देर रात को मां-बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया और स्कूल बस ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।  
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मिली जानकारी के अनुसार मूल रूप से गांव हल्दा, जिला उत्तर दीनाजपुर, पश्चिम बंगाल निवासी शरीफा (23) अपने पति व दो बच्चों के साथ दयाचंद कॉलोनी में किराए के मकान में रहती थी। 

वे दोनों अलग-अलग फैक्ट्रियों में काम करते थे। शरीफा शुक्रवार शाम को अपने तीन साल की बेटी को घर पर छोड़कर अपने एक साल के बेटे मनवर हुसैन को गोद में लेकर पैदल ही फैक्ट्री में पेमेंट लेने जा रही थी। 
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बस में बच्चे होते तो हो सकती थी बड़ी घटना 

बस ने मां-बेटे को कुचला - फोटो : अमर उजाला
वह जब पसीना कला मोड़ पर पहुंची तो तभी तेज रफ्तार में आ रही सिद्धार्थ स्कूल की बस ने  मां-बेटे को कूचल दिया। मां बेटा की बस के कुचलने से मौके पर मौत हो गई। बस चालक बस को छोड़कर मौके से ही फरार हो गया।

हादसे को देखकर आसपास के लोग पहुंच गए और लोगों ने बस को आग के हवाले कर दिया। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना सदर पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और दमकल विभाग को सूचित किया। 

दमकलकर्मियों ने एक गाड़ी की मदद से आग पर काबू पाया। डीएसपी समालखा दलबीर सिंह व एसएचओ सदर अजय मोर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को शांत किया। 

पुलिस ने मां-बेटे के शवों को शवगृह में रखवा दिया। इसकी सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्जकर बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने शुक्रवार देर शाम को ही दोनों के शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए। 

बस में बच्चे होते तो हो सकती थी बड़ी घटना 
हादसे के वक्त स्कूल बस में बच्चे होते तो आग लगाने पर बड़ा हादसा हो सकता था। अभिभावकों में इसको लेकर भी रोष व्याप्त है। बताया जा रहा है कि कई स्कूलों में अनट्रेंड ड्राइवर बसों पर चल रहे हैं। ये सब बच्चों के लिए भी चिंता का विषय है। 
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