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कमांडो की पत्नी के खाते से कर डाली 92 हजार की शॉपिंग

Mon, 21 Sep 2015 03:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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बैंकिंग क्राइम पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। एक दिन पहले ही आईटीबीपी जवान के खाते से दो लाख रुपये की ठगी हो गई। पुलिस अभी इस मामले को सुलझा भी नहीं पाई थी कि अब कमांडो की पत्नी के खाते से शातिरों ने करीब 92 हजार रुपये की ऑनलाइन शापिंग कर ली।
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आरोपियों ने ब्रांडेड कपड़े, जूते और अन्य सामान खरीदा। जब कमांडो मामले की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा तो वहां भी केवल केस दर्ज कर खानापूर्ति कर ली गई।

मामला विभाग के कर्मचारी से जुड़ा होने के बाद भी पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाने की जहमत तक नहीं उठाई। इस संबंध में अर्बन एस्टेट थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
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शातिर ठगों ने ऑनलाइन खरीद डाले ब्रांडेड सूट-बूट

विशाल नगर निवासी एक युवक हरियाणा सुरक्षा विभाग में कमांडो है। वर्तमान में उनकी ड्यूटी करनाल में है। 17 सितंबर को वह ड्यूटी पर था। घर पर उनकी पत्नी पूनम थी। इसी दौरान पूनम के मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए पूनम से कहा कि उनके एटीएम की वैधता खत्म हो गई है।

इसे अपडेट करने के लिए बैंक में एटीएम कार्ड सहित आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज जमा कराने होंगे। इस पर पूनम ने दस्तावेज जमा कराने की बात बोल दी। कुछ देर बाद शातिर का दोबारा फोन आया और उसने पूनम से कहा कि ऑनलाइन ही खाते को अपडेट किया जा सकता है। इसके बाद आरोपी ने पूनम से खाता संख्या और एटीएम पासवर्ड पूछ लिया।

आरोपी ने पूनम के खाते से करीब 50 हजार रुपये की शॉपिंग कर ली। लेकिन पूनम को वारदात की भनक तक नहीं लगी। अगले दिन सुबह करीब 11 बजे कमांडो घर पर ही था, तभी फिर पूनम के मोबाइल पर कॉल आई और आरोपी ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर कुछ जानकारी मांगी।

जैसे ही पूनम ने खाता संबंधी जानकारी देनी शुरू की, कमांडो ने उसे रोक दिया। इसके बाद वह पूनम को लेकर एसबीआई की शाखा में गया। यहां खाते का बैलेंस देखा तो उसमें से 91945 रुपये की शॉपिंग की गई थी। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए मुंबई मुख्य ब्रांच को मामले की सूचना दी।
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इस तरह की गई 92 हजार की शॉपिंग

7 सितंबर- आरोपियों ने पूनम के खाते से पांच बार में 10-10 हजार रुपये की शॉपिंग की।
18 सितंबर- शातिरों ने पूनम के खाते से दो बार 10-10 हजार रुपये, दो बार 5-5 हजार रुपये, एक बार तीन हजार रुपये और फिर टुकड़ों में शॉपिंग की।

सामने आया पुलिस का टालमटोल रवैया
साइबर क्राइम के मामलों में पुलिस तत्परता नहीं दिखाती। पुलिस ऐसे मामलों में केस दर्ज करने की खानापूर्ति करके केस आर्थिक शाखा में भेज देती है। यही कारण है कि एक बार भी ऐसे मामले ट्रेस नहीं हो पाए हैं।

पूनम के मामले में यदि पुलिस शॉपिंग किए गए सामान की डिलीवरी स्थान पर छापेमारी करवाती तो शायद आरोपियों के बारे में कुछ सुराग लग जाता। क्योंकि ऑनलाइन शॉपिंग के 72 घंटे की अवधि में डिलीवरी होती है। मगर पुलिस ने एक बार भी प्रयास नहीं किया।
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