दोहरे हत्याकांड के खुलासे के लिए सीआईए-1 को लगाया गया था। सीआईए-1 प्रभारी नवीन जाखड़, सहायक उप निरीक्षक पंकज कुमार, सुशील कुमार, रिषीपाल, सिपाही मनोज कुमार, श्री भगवान, जितेंद्र, महावीर, सुमित की टीम ने दोहरे हत्याकांड में शक के आधार पर अशोक के भाई आनंद को ही गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में उसने सच उगल दिया। आरोपी ने अपने साले राहुल के साथ मिलकर भाई और भाभी की हत्या करने की बात स्वीकार की।
एएसपी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पड़ाव मोहल्ले में उसके पुश्तैनी मकान में अशोक रह रहा था। एक साल पहले मामले को लेकर पंचायत हुई थी। पंचायत में अशोक द्वारा मकान के बदले आनंद को दस लाख रुपये देने की बात तय की थी। डेढ़ लाख रुपये तो अशोक ने आंनद को दिए थे पर बाकी किश्तों में देने की बात तय की गई थी। लेकिन बार-बार मांगने के बाद भी अशोक बाकी रुपये नहीं दे रहा था।
इसी से क्षुब्ध होकर आनंद और राहुल ने पहले सोनिया और इसके बाद अशोक की चाकू से वार कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वापस नरेला चले गए थे। एएसपी मकसूद अहमद का कहना है कि फरार आरोपी राहुल की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि दोहरे हत्याकांड का मात्र 36 घंटे के अंदर ही खुलासा करने वाली सीआईए-1 को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा।